1983 के वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहे व वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद के बाद अब कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भी T20I WC ट्रॉफी विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। भगत ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने देश के लिए पहला विश्व कप जीता था। कीर्ति आजाद एक सम्मानित सांसद हैं और उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, वे चिंता का विषय हैं।
खेल हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए
सुखदेव भगत ने IANS से कहा कि खेल हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए। जब देश जीतता है तो वह पूरे भारत की जीत होती है। यह किसी एक समुदाय, समूह या व्यक्ति की जीत नहीं होती। सुखदेव भगत ने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है। समाज को अलग-अलग पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है।
क्या कहा था कीर्ति आजाद ने ?
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कीर्ति आजाद ने गौतम गंभीर और जय शाह की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अहमदाबाद के एक हिंदू मंदिर में ले जाना उचित नहीं है। कीर्ति आजाद का कहना था कि यह ट्रॉफी एक धर्मनिरपेक्ष देश का प्रतीक है, किसी एक धर्म का नहीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम विभिन्न समुदायों के खिलाड़ियों से मिलकर बनी थी।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से भारत पर असर
उन्होंने ईरान-इजरायल जंग पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और इसका भारत पर क्या असर पड़ेगा, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था, संभावित ऊर्जा संकट और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा जरूरी है। उस क्षेत्र में लगभग 80 से 85 लाख भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान-इजरायल संघर्ष पर दिए बयान को लेकर भी सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हमला या युद्ध नहीं हो सकता। सुखदेव भगत ने कहा कि हमला कभी भी अच्छा कदम नहीं हो सकता। पक्षों के बीच हमेशा बातचीत और संवाद होना चाहिए। युद्ध खुद एक समस्या है और वह किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।”














