हमारे शरीर में नसें (Veins) खून को दिल तक वापस पहुंचाने का काम करती हैं। लेकिन अक्सर लोग नसों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। हाल ही में वैस्कुलर सर्जन और वैरिकोज वेन्स विशेषज्ञ ने नसों से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताए, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। वहीं रेडियोलॉजी विशेषज्ञ ने नसों की सेहत को बेहतर रखने के आसान तरीके भी बताए।

नसें नीली नहीं होतीं

अक्सर लोगों को त्वचा के नीचे नसें नीली दिखाई देती हैं, लेकिन असल में नसों का रंग नीला नहीं होता। यह सिर्फ रोशनी और त्वचा की परतों के कारण दिखाई देने वाला एक भ्रम होता है। वास्तव में नसों में बहने वाला खून लाल ही होता है।

ब्लॉकेज होने पर शरीर बना लेता है नया रास्ता

डॉक्टरों के अनुसार अगर किसी नस में ब्लॉकेज हो जाए तो कई बार शरीर खुद ही खून के बहाव के लिए नया रास्ता बना लेता है। इसे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया माना जाता है, जिससे खून का प्रवाह जारी रहता है।

नसों के वाल्व गुरुत्वाकर्षण से लड़ते हैं

हमारी नसों में छोटे-छोटे वाल्व होते हैं, जो खून को नीचे की ओर जाने से रोकते हैं। खासकर पैरों की नसों में ये वाल्व दिन-रात गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ काम करते हैं, ताकि खून वापस दिल तक पहुंच सके।

ऐसे पहचानें नसों की समस्या

डॉक्टरों के मुताबिक अगर पैरों में सूजन दिखाई दे, नसें उभरी हुई लगें या त्वचा का रंग बदलने लगे तो यह नसों की समस्या का संकेत हो सकता है। एक आसान तरीका यह है कि आप त्वचा को हल्के से दबाकर देखें। अगर दबाने के बाद त्वचा जल्दी सामान्य हो जाती है तो आमतौर पर सब ठीक माना जाता है, लेकिन अगर ऐसा न हो तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर होता है। सही जांच के लिए डॉक्टर डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड टेस्ट भी करवा सकते हैं।

वैरिकोज वेन्स को लेकर गलतफहमियां

कई लोग मानते हैं कि पैर पर पैर रखकर बैठने से वैरिकोज वेन्स हो जाते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है। असल में इसके पीछे आनुवंशिक कारण, खराब लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना जैसे कारण ज्यादा जिम्मेदार होते हैं। यह सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि कई बार यह खून के प्रवाह से जुड़ी दिक्कतों का संकेत भी हो सकती है।

नसों को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं

नसों की सेहत के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर भोजन नसों को मजबूत बनाता है। इसके लिए बेरीज, खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, लहसुन और मेवे खाना फायदेमंद होता है। वहीं ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि इससे नसों में सूजन बढ़ सकती है।

एक्टिव लाइफस्टाइल भी है जरूरी

नसों की सेहत बनाए रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है। रोजाना पैदल चलना, तैराकी या योग करने से खून का प्रवाह बेहतर होता है। इसके अलावा स्ट्रेचिंग करना, पैरों को थोड़ा ऊंचा रखकर आराम करना और जरूरत पड़ने पर कंप्रेशन स्टॉकिंग पहनना भी फायदेमंद हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से नसों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए समय-समय पर उठकर चलना और एक्टिव रहना नसों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।)

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