नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक बड़े और महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत देश के ड्रग्स नेटवर्क पर करारी चोट लगाई है. पुलिस ने ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपी रोशन लाल को हिरासत में लेकर चेन्नई के केंद्रीय कारागार में भेज दिया है. पुलिस के अनुसार रोशन लाल लंबे समय से एनडीपीएस कानून के तहत आरोपी था, उसे गिरफ्तार करके केंद्रीय कारागार, पुझल, चेन्नई भेज दिया गया. यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि देश में नारकोटिक्स की सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके.
रोशन लाल के खिलाफ एनडीपीएस और अन्य अपराधों में केस दर्ज हैं. इसके चलते दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), क्राइम ब्रांच ने इसके लिए रोकथाम हिरासत की सिफारिश तैयार की और इसे वित्त मंत्रालय को भेजा. इस सिफारिश के आधार पर 26 फरवरी 2026 को हिरासत का आदेश जारी हुआ, जिसमें स्पष्ट निर्देश थे कि रोशन लाल को हिरासत में लेकर चेन्नई के जेल में रखा जाए.
गिरफ्तारी 10 मार्च 2026 को की गई. एक गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राकेश दुहन की टीम ने कार्रवाई की, जिसमें एसआई कृष्णा, युजवेंद्र, एएसआई राजेंद्र, एचसी सनी, सिकंदर, भोपेंद्र, विक्रांत और डब्ल्यू, कांस्टेबल नेहा मिश्रा शामिल थे. इस पूरी कार्रवाई का सुपरविजन एसीपी, एएनटीएफ (क्राइम ब्रांच) सतेंद्र मोहन ने किया. टीम ने रोशन लाल को उसके घर से गिरफ्तार किया और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करके उसे हिरासत में लिया.
मादक द्रव्यों और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस एक्ट), 1988 के अनुसार यह कानून केवल ड्रग्स से संबंधित अपराधों के लिए विशेष रोकथाम का प्रावधान करता है. इसका उद्देश्य नारकोटिक्स की आपूर्ति करने वाले बड़े ऑपरेटर, किंगपिन, संगठित और आदतन अपराधियों को निशाना बनाना है.
रोशन लाल पंजाब का रहने वाला है और निरक्षर है. उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं. पत्नी के खिलाफ भी चार केस दर्ज हैं. रोशन लाल 2021 से सक्रिय रूप से अवैध ड्रग्स तस्करी में शामिल है और 4 अगस्त 2025 से कोर्ट बांड पर था. उसका पहला मामला 12 फरवरी 2021 को सामने आया, जब उसके पास 50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी. इसके बाद अप्रैल 2022 में उसके पास 1.4 किलो गांजा बरामद हुआ. नवंबर 2024 में रोहिणी सेक्टर 23–24 से उसे और उसके साथी को स्कूटी में बिना नंबर प्लेट के पकड़ते हुए 310 ग्राम हेरोइन बरामद की गई.














