तमिलनाडु, विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति तेजी से गरमा गई है। प्रमुख दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और गठबंधन समीकरण लगातार बदल रहे हैं। इसी बीच AIADMK ने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुनावी मुकाबले को नई दिशा दे दी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पार्टी ने अभी तक अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दिया है, जिससे उसकी आक्रामक रणनीति साफ नजर आती है।
AIADMK ने अनुभव को दी प्राथमिकता
AIADMK की इस सूची में अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। घोषित 23 उम्मीदवारों में से 21 पूर्व मंत्री हैं, जबकि 16 वर्तमान विधायक भी शामिल हैं। यह स्पष्ट करता है कि पार्टी इस बार प्रशासनिक अनुभव और मजबूत जनसंपर्क वाले नेताओं पर भरोसा कर रही है। पार्टी महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पडी के पलानीस्वामी एक बार फिर सलेम जिले के एडप्पडी सीट से चुनाव लड़ेंगे। उनका नाम इस सूची का सबसे महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है, जो पार्टी के नेतृत्व और स्थिरता का प्रतीक है।
प्रमुख नेताओं की सीटों में किए बदलाव
इस बार AIADMK ने कुछ प्रमुख नेताओं की सीटों में बदलाव कर रणनीतिक चाल चली है। पूर्व मंत्री सी वे शणमुगम, जो पिछला चुनाव विलुप्पुरम से हार गए थे, अब मेलम से चुनाव लड़ेंगे। वहीं के टी राजेंद्र भालाजी को राजापालयम की बजाय शिवकाशी से उतारा गया है। इन बदलावों को पार्टी की सोची समझी रणनीति माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य नेताओं को मजबूत क्षेत्रों में उतारकर जीत की संभावना बढ़ाना है। यह कदम दिखाता है कि पार्टी केवल परंपरागत सीटों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नए समीकरण बना रही है।
सत्तारूढ़ सरकार पर हमला बोला
उम्मीदवार सूची जारी करने के साथ ही पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की समस्याएं और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता में असंतोष है। उन्होंने कहा कि AIADMK इन मुद्दों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाएगी और जनता तक सीधा संवाद स्थापित करेगी। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और अनुभवी नेतृत्व के सहारे वह मतदाताओं को प्रभावित करने में सफल होगी।



















