रायपुर। जिला पंचायत के सभापति राहुल टिकरिहा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी की समय सीमा महज 2 माह रखी गई है। जिसमें 19 दिन अवकाश छो? महज 41 दिन ही खरीदी हो पायेगी जिसमें बारदाने न होने के कारण और भी कई दिन खरीदी प्रभावित होगी। वहीं अनेक धान खरीदी केंद्रों में सर्वर की समस्या भी होता रहता है जिससे धान खरीदी भी प्रभावित होता है। बीते अन्य वर्षों में धान खरीदी की समय सीमा 2.5 माह होता था। हम पिछले वर्ष ही देखे तो 2.5 माह में भी शासन ने धान खरीदी नहीं कर पाई थी। जिसके चलते हमें किसानों के साथ जगह-जगह चक्काजाम एवं प्रदर्शन करना पड़ा। धरना प्रदर्शन और चक्काजाम से बाध्य होकर शासन किसानों के मांग को मानते धान खरीदी 10 दिन के लिए फिर से प्रारंभ करया गया था। सभी धान खरीदी केन्द्रों में लगातार बारदाने कि समस्याएं आ रही है, जिसके चलते खरीदी लगातार प्रभावित हो रही है। वहीं बारदाने न होने के कारण टोकन भी नहीं दिया जा रहा है। बारदाने की कमी के कारण अनेक जगहों के खरीदी केंद्रों में लक्ष्य को समितियों द्वारा कम कर दिया जा रहा है। जिससे किसानों को बहुत समस्या हो रही है। ऐसी अव्यवस्था रही तो सरकार द्वारा तय समय सीमा में धान खरीदी करना असंभव है। वहीं अब किसानों से 50 फीसदी बारदाने मांगे जा रहे जिससे किसान भारी चिंतित है। क्योंकि बारदाने किसान बाहर बाजार से 30 रुपये में खरीदी करते है। और शासन के द्वारा महज 15 रुपये ही प्रदाय की जाती है। और उसकी पैसे मिलने की कोई निश्चितता भी नहीं होती। सबसे बड़ा प्रश्न तो यहां खड़ा हो जाता है कि जब शासन बारदाने की व्यवस्था नहीं कर पा रही तो किसान बारदाने की व्यवस्था कहा से कर पाएँगे। और जिस किसानों के पास बारदाने नहीं उनको टोकन भी नहीं दिया जा रहा। किसानों से इस प्रकार बारदानों की मांग न्यायोचित नहीं है। सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी की समय सीमा महज 2 माह रखी गई है। जिसमें अवकाश छोड़ महज 40-45 दिन ही खरीदी होगी। अनेक धान खरीदी केंद्रों में सर्वर की समस्या भी होता रहता है जिससे धान खरीदी भी प्रभावित होता है। जो पूर्व में 2.5 माह होता था। हम पिछले वर्ष ही देखे तो 2.5 माह में भी शासन ने धान खरीदी नहीं कर पाई थी। जिसके चलते किसानों के साथ जगह-जगह चक्काजाम एवं प्रदर्शन करना पड़ा। धरना प्रदर्शन और चक्काजाम से बाध्य होकर शासन ने किसानों के मांग को मानते हुए धान खरीदी 10 दिन के लिए फिर से प्रारंभ कराया था। राहुल ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि किसानों के समस्याओं को देखते हुए खरीदी की समय सीमा में 1 माह की वृद्धि व बारदाने की उचित व्यवस्था करें नहीं तो हम किसानों के साथ आंदोलन हेतु बाध्य होंगे। राहुल टिकरिहा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए कहा कि पूर्व के वर्षों में धान खरीदी की समय सीमा ढाई माह होती थी। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष यह समय भी कम पड़ गया था और हजारों किसानों के धान खरीदी केंद्रों में बारिश के चलते खराब होने लगे थे। जिसके चलते किसानों के साथ हमें दुर्ग व कवर्धा सड़क बाधित करनी पड़ी थी तब जाकर 10 दिन खरीदी आगे बढ़ाया गया था। राहुल ने पत्र में लिखा कि आपके द्वारा घोषित खरीदी समय सीमा के दो माह में 19 दिन की शासकीय अवकाश है। जिसके चलते महज 41 धान खरीदी होनी है। अत: मुख्यमंत्री से खरीदी सीमा में 1 माह की वृद्धि करने की मांग की गई है। पत्र में राहुल ने किसानों की पीड़ा लिखते हुए कहा कि किसानों के बारदाने की समस्या होती है। और उनसे 50 फीसदी बारदाने की मांग की जा रही है जिसमें किसानों से पूछने से पता चला कि उन्हें उसका उचित मूल्य भी नहीं मिलता। जिसे किसान भाई बाहर बाजार से 30 रुपये तक में खरीद कर लाते है। शासन उसके एवज में महज 15 रुपये भुगतान का नियम बना के रखी है जो किसानों के छलावा है। जब शासन बारदाने की व्यवस्था नहीं कर पा रही तो किसान कहा से इतने बारदानों की व्यवस्था करेंगे। लगभग सभी खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी है, शासन प्रशासन द्वारा बारदाने की उचित व्यवस्था न होने के चलते खरीदी प्रभावित हो रही है, कहीं टोकन नहीं दिए जा रहे तो कहीं समितियों को अपने खरीदी लिमिट को घटाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति रही तो किसान आक्रोशित होंगे व आंदोलन को मजबूर होंगे।
धान खरीदी समय में 1 माह की वृद्धि व बारदानों की उचित व्यवस्था की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
Related Posts
Add A Comment
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.


















