आज 17 दिसंबर को भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार अपना 2 साल पूर्ण कर चुकी है और इस अवसर पर नारा दिया गया है 2 साल बेमिसाल…बात हे अभिमान के छत्तीसगढिय़ा स्वाभिमान के। हम यह नहीं कहते कि छत्तीसगढ़ राज्य में भूपेश बघेल की सरकार आने के बाद छत्तीसगढिय़ों का विकास नहीं हुआ है, लेकिन अभी भी कई ऐसे छत्तीसगढिय़ा है जिनका विकास नहीं हुआ है। अभी भी कई छत्तीसगढिय़ा अपने छोटे-छोटे कामों के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के चक्कर काटते है जिसके बावजूद काम नहीं होता। ऐसा ही एक प्रकरण जल संसाधन विभाग के एक अनुकंपा नियुक्ति का प्रकरण सामने आया है जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी की बेटी सरिता की अनुकंपा नियुक्ति वर्षों बाद भी अब तक नहीं हो पाई है। इस प्रकरण के सीधे सरल प्रकिया को जटिलता का रूप प्रदान करते हुए जल संसाधन विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश के आये बुद्धिमान मंत्रालयीन कर्मचारी द्वारा जटिल नियमों का हवाला देते हुए इस प्रकरण को अनावश्यक रोक दिया गया है। इसी अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण में आवेदिका सरिता द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विभागीय मंत्री रविन्द्र चौबे, आवेदन दिया जा चुका है। दिये गये आवेदन में आवेदिका द्वारा कहा गया है कि विगत वर्ष 15 दिसंबर 1996 को मेरे स्वर्गीय पिताजी शासकीय सेवा में रहते हुए आकस्मिक निधन के तुरंत बाद वर्ष 1997 से प्रार्थनीय लगातार आवेदन निवेदनों एवं पत्राचारों से जूझते हुए अनावश्यक नियम कानूनों की पेचीदगी के आगे बेबस हो गई है। आवेदिका ने आवेदन के माध्यम से कहा कि मैं अश्रुपुरित प्रार्थना करती हूं कि पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश सरकार ने सकारात्मक कार्यवाही की किंतु वर्तमान में छग शासन जल संसाधन विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश के आये हुए बुद्धिमान मंत्रालयीन कर्मचारी द्वारा जटिल नियम कानूनों का हवाला देकर मेरी अनुकंपा नियुक्ति को अनावश्यक रोक दिया। आपको बता दें कि आवेदिका द्वारा सही समय पर बिना किसी चूक किये हुए आवेदन एवं संपूर्ण औपचारिकताओं की पूर्ति की गई। किंतु विभाग द्वारा ही पूछताछ/क्वेरी छानबीन के आड़ में समय की बर्बादी की गई। आवेदिका ने कहा कि इस बीते हुए एक लंबे अंतराल से मैं स्वयं अपने बच्चों सहित वर्तमान में अवसाद की कगार पर पहुंच चुकी हूं। प्रस्तुत आवेदन में आवेदिका कहा कि मैं बहुत भारी मन से विवश एवं अशक्त होकर विनती करती हूं कि महति कृपा करके कैबिनेट संपन्न कराकर समय की शिथिलता की बिंदु को शामिल कर प्रस्ताव पारित करवाने की कृपा कीजियेगा, मेरी अनुकंपा नियुक्ति पर बनावटी रोक/अवशेष समाप्त होकर विभाग से आदेश परित हो सके।
जल संसाधन विभाग अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण (किस्त 3): ना अभिमान…ना स्वाभिमान…छत्तीसगढ़ महतारी की ये बेटी हलाकान…, मुख्यमंत्री जी कृपया ध्यान दीजिये…
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