समुद्र किनारे टहलते हुए हमें अक्सर कई ऐसी चीजें मिलती हैं, जिन्हें हम कचरा या सूखा पत्ता समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन फ्लोरिडा के एक बीच पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ब्रायना वार्नर के साथ जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. दरअसल, ब्रायना वार्नर और उनके बॉयफ्रेंड फ्लोरिडा के पास-ए-ग्रिल बीच (Pass-a-Grille Beach) पर घूमने गए थे, जहां हाल ही में खराब मौसम के बाद समुद्र ने काफी सारा मलबा किनारे पर धकेल दिया था. वहां पर उन्हें एक सूखा पत्ता दिखा, जो थोड़ा अजीब था. ऐसे में ब्रायना ने उसे हाथ में उठा लिया, लेकिन तभी अचानक उसके भीतर से एक नन्हीं सी आंख और मुंह बाहर निकल आया. अगले ही पल उन्हें अहसास हुआ कि यह कोई साधारण पत्ता नहीं, बल्कि समुद्री जीव का अंडा था, जिसके भीतर एक नन्हीं जान अपनी जिंदगी की पहली सांस लेने के लिए छटपटा रही थी.

बता दें कि खराब मौसम के बाद समुद्र से बाहर आए मलबे की जांच करने के लिए ब्रायना वहां गई थीं, तब उनकी नजर एक अजीबोगरीब चीज पर पड़ी जो बिल्कुल सूखे पत्ते जैसी दिख रही थी. ब्रायना ने जैसे ही उसे उठाया, उन्हें महसूस हुआ कि इसकी बनावट कुछ अलग है. ब्रायना ने कहा कि मैं बस उसे एकटक देख रही थी और मुझे लगा कि इसका आकार बहुत ही अजीब है. फिर गौर से देखने पर उन्हें एहसास हुआ कि यह दरअसल एक मर्मेड पर्स है. मर्मेड पर्स उन सुरक्षा कवच या केसिंग को कहा जाता है जो शार्क, स्टिंगरे और स्केट जैसी मछलियों के अंडों के चारों ओर होते हैं. आमतौर पर जब ये किनारे पर मिलते हैं, तो खाली होते हैं, क्योंकि बच्चे पहले ही निकल चुके होते हैं. ब्रायना को उम्मीद नहीं थी कि इस सूखे पड़े कवच के अंदर कोई जान बची होगी. लेकिन जब उन्होंने इसे धूप की रोशनी के सामने रखकर देखा, तो वह दंग रह गईं.

कवच के भीतर एक छोटा सा भ्रूण हलचल कर रहा था. ब्रायना जानती थीं कि अगर यह धूप में सूख गया, तो अंदर मौजूद जीव मर जाएगा. उन्होंने तुरंत उसे सुरक्षित रूप से एक टाइड पूल (ज्वार के पानी से बने गड्ढे) में चट्टानों के नीचे रख दिया, ताकि उसे नमी मिलती रहे. इसके बाद उन्हें वहां 6-7 और ऐसे ही मर्मेड पर्स मिले, जिन्हें उन्होंने एक-एक कर पानी में पहुंचाया. जब ब्रायना ने आखिरी मर्मेड पर्स उठाया, तो वह बाकी सब से अलग और काफी सख्त महसूस हो रहा था. जैसे ही वह उसे लेकर पानी की ओर बढ़ीं, उन्हें अपने हाथों में हलचल महसूस हुई. अचानक उस कवच के एक सिरे से एक छोटा सा मुंह बाहर निकला और ब्रायना की ओर देखने लगा. ब्रायना कहती हैं, ‘वह पल मेरे लिए बहुत चौंकाने वाला था, मैं समझ ही नहीं पाई कि मैं क्या देख रही हूं.’ देखते ही देखते चंद सेकंड के भीतर वह नन्हा जीव पूरी तरह से अंडे से बाहर निकल आया और ब्रायना की हथेली पर रेंगने लगा.

फिर चला गया गहरे पानी में!
ब्रायना ने देखा कि किनारे पर लहरें बहुत तेज थीं, इसलिए उन्होंने उस नन्हे जीव को अपनी हथेली पर उठाकर थोड़े गहरे और शांत पानी में ले जाने का फैसला किया. जैसे ही उन्होंने उसे पानी में छोड़ा, वह जीव तुरंत रेत की गहराई में जाकर छिप गया. यह उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति थी. बाद में रिसर्च करने पर ब्रायना को पता चला कि उनकी हथेली पर जन्म लेने वाला वह जीव एक क्लीयरनोज स्केट (Clearnose Skate) था. यह मछली परिवार का एक सदस्य है, जो देखने में स्टिंगरे जैसा लगता है. ब्रायना वार्नर का यह अनुभव दुनिया भर के सैलानियों के लिए एक बड़ी सीख है. अक्सर लोग बीच पर मिलने वाली अनजान चीजों को कचरा समझकर फेंक देते हैं या उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं. ब्रायना कहती हैं, ‘समुद्र तट पर ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जिन्हें हम नहीं जानते कि वे जीवित हैं या हमारे पर्यावरण के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं.’ उन्होंने उस खाली हो चुके ‘मर्मेड पर्स’ को एक यादगार के तौर पर अपने पास रख लिया है, जो याद दिलाता है कि जब उन्होंने एक नई जिंदगी को अपनी आंखों के सामने शुरू होते देखा.

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