मुरैना। जिले के पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक आरक्षक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा दिए। आरक्षक रूपसिंह रावत ने दावा किया है कि उसे एसपी समीर सौरभ के सरकारी बंगले पर पुलिस ड्यूटी के बजाय घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वीडियो में आरक्षक ने रोते हुए बताया कि उससे खाना बनवाने, झाड़ू-पोछा करवाने और जूठे बर्तन साफ करवाने जैसे काम लिए जाते हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी तबीयत खराब होने के बावजूद उसे इलाज के लिए छुट्टी नहीं दी जा रही।
बीमारी में भी नहीं मिली राहत
आरक्षक के मुताबिक, उसकी दोनों किडनियों में पथरी पाई गई है। उसने जांच रिपोर्ट अधिकारियों को दिखाकर 15 दिन की छुट्टी मांगी, लेकिन आरोप है कि आवेदन को नजरअंदाज कर दिया गया। वीडियो में वह कहता है कि “इलाज के लिए भी छुट्टी नहीं मिल रही, अब समझ नहीं आता किससे गुहार लगाऊं।
धार्मिक भावनाओं और निगरानी का मुद्दा
आरक्षक ने यह भी कहा कि वह शाकाहारी परिवार से है, लेकिन बंगले पर उसे मांसाहारी भोजन बनाने और जूठी हड्डियां फेंकने के लिए मजबूर किया जाता
अलावा, किचन में कैमरे लगाए जाने और हर समय निगरानी रखने का भी आरोप लगाया गया है। उसने यह भी कहा कि छोटी-छोटी बातों पर उसे फटकारा जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
पहले भी हो चुकी है एक कर्मचारी की मौत
वीडियो में आरक्षक ने एक पुराने कर्मचारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई थी। इसी वजह से वह डरा हुआ है और समय रहते इलाज कराना चाहता है।
नौकरी जाने का भी डर
आरक्षक ने आशंका जताई कि वीडियो सामने आने के बाद उस पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी पीड़ा साझा की है। उसने कहा, “अगर मुझे सस्पेंड या बर्खास्त भी कर दिया जाए, फिर भी मैं अपनी बात रखूंगा। अब इस पूरे मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



















