चेन्नई: सेलम स्थित एक मेडिकल संस्थान के चेयरमैन जे.एस. सतीशकुमार के लिए, बेंगलुरु से पेरू तक अपने पूरे परिवार के साथ जश्न मनाने के लिए की गई यात्रा, एक लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गई। हालांकि उनकी इस लंबी लड़ाई का नतीजा अब यह निकला है कि अदालत ने पुलिस को KLM रॉयल डच एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
देवनाहल्ली के एक सिविल जज और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने इस एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है। सिविल जज और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है।
एयरलाइंस से संबंधित रेयर केस
यह एक ऐसा दुर्लभ मामला है जिसमें कथित तौर पर बोर्डिंग से मना करने के मामले में एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है। सबसे खास बात है कि जिन अफसरों पर एफआईआर के आदेश दिए गए हैं, उनमें किसी एयरलाइंस के CEO और COO भी शामिल हैं।
बिजनेस क्लास में थी 8 सीट बुक
सतीश कुमार ने बताया कि उनके परिवार ने आठ नॉन-रिफंडेबल बिज़नेस-क्लास टिकट बुक किए थे, जिनकी कीमत लगभग 49 लाख रुपये थी। वे 19 जून 2024 को उड़ान भरने के समय से काफी पहले ही बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंच गए थे। वापसी का टिकट 3 जुलाई, 2024 के लिए बुक किया गया था। चेक-इन काउंटर पर घंटों तक बेसब्री से इंतज़ार करने के बाद, उड़ान भरने से कुछ ही समय पहले एयरलाइन कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उन्हें विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बेवजह बोर्डिंग रोकी गई
एयरलाइन अधिकारियों ने इसका कारण पेरू का वीज़ा न होना बताया। हालांकि, सतीशकुमार का कहना है कि यह नियमों की गलत व्याख्या थी। जिन भारतीय नागरिकों के पास अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या शेंगेन देशों जैसे देशों के वैध वीज़ा या रेजिडेंसी परमिट होते हैं, उन्हें बिना किसी अलग वीज़ा के पेरू में प्रवेश की अनुमति होती है।
एयरलाइंस के गलत फैसले ने परिवार की मुश्किलें बढ़ाईं
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद जो हुआ, उससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस फ़ैसले का विरोध करने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के बाद, परिवार का कहना है कि एयरलाइन ने उन्हें रेड-फ़्लैग कर दिया। यह एक ऐसा कदम था जिससे कथित तौर पर उनकी आगे की यात्रा में और भी रुकावटें आईं। सतीशकुमार बताते हैं कि बाद में उनके बेटे को सिंगापुर में रोक लिया गया और उससे पेरू से कथित तौर पर डिपोर्ट किए जाने के बारे में पूछताछ की गई। जबकि वह उस देश में कभी गया ही नहीं था।
सतीश कुमार ने कहा कि मुझे भी वैसी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की बाद की यात्रा के दौरान उनसे बार-बार पूछताछ और जांच-पड़ताल की गई। हालांकि उन्हें अभी तक रिफ़ंड नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अदालत का दखल जवाबदेही तय करने के लिए है कार्रवाई होनी चाहिए। वरना, ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है।
एयरलाइंस की सफाई
जब TNIE ने KLM रॉयल डच एयरलाइंस से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे यात्रा से जुड़े सभी लागू नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हैं। यात्रियों से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके पास वैध और सही दस्तावेज़ हों। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का खेद है कि कुछ यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।



















