दुनियाभर में कई ऐसी अजीबोगरीब और रहस्यमयी जगहें हैं, जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है. कहीं पर पहाड़ों का जंगल है, जहां पेड़ों की तरह पत्थर निकले पड़े हैं, तो कहीं समंदर के अंदर सड़कों का जाल बिछा हुआ है. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे आइलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पहुंचकर सच में लगता है कि हम पृथ्वी पर नहीं, बल्कि किसी दूसरे एलियन प्लानेट पर आ गए हैं. इस जगह का नाम सोकोत्रा आइलैंड है, जो यमन में है. हिंद महासागर में स्थित यह दूरस्थ आइलैंड अपनी विचित्र प्राकृतिक बनावट और अनोखी जैव विविधता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. लेकिन इस द्वीप की सबसे खास पहचान यहां पाए जाने वाले ड्रैगन ब्लड ट्री हैं, जिनका आकार किसी उल्टे छाते जैसा है. यह देखने में बेहद अलग और रहस्यमयी लगते हैं. यहां का नजारा देख कोई भी अचंभित हो सकता है.

इन पेड़ों की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इनकी छाल को काटा जाता है, तो इनमें से गाढ़ा लाल रंग का रस निकलता है, जो देखने में बिल्कुल इंसानी खून जैसा प्रतीत होता है. ऐसा कहा जाता है कि यहां रहने वाले स्थानीय लोग प्राचीन काल से ही इन पेड़ों से निकलने वाले लाल रस का उपयोग औषधियों, रंगों और जादू-टोने जैसी क्रियाओं में करते आए हैं. लाखों सालों तक बाकी दुनिया से पूरी तरह कटे रहने के कारण सोकोत्रा द्वीप पर प्रकृति का विकास बिल्कुल अलग तरीके से हुआ है, जिसकी वजह से यहां पर ऐसे पौधे और जीव विकसित हुए. वैज्ञानिकों के अनुसार, यहां पाई जाने वाली लगभग एक-तिहाई वनस्पति प्रजातियां दुनिया में कहीं और नहीं मिलतीं. इसके अलावा यहां पर कई दुर्लभ पक्षी, सरीसृप और कीट प्रजातियां भी पाई जाती हैं. यही कारण है कि UNESCO ने साल 2008 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया.

भारत से भी है गहरा नाता
इस द्वीप का भारत से भी एक महत्वपूर्ण संबंध रहा है. साल 2018 में जब भीषण चक्रवाती तूफान मेकुनु ने इस क्षेत्र में तबाही मचाई थी, तब यहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन निस्तार अभियान चलाया और 38 भारतीय नाविकों की जान बचाई. इस मिशन में नौसेना के जहाज INS Sunayna को तैनात किया गया, जिसने खराब मौसम के बावजूद सोकोत्रा आइलैंड पर फंसे सभी भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की. आज सोकोत्रा न केवल वैज्ञानिकों के लिए, बल्कि पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. हालांकि, जलवायु परिवर्तन, चराई और मानव गतिविधियों के कारण यहां की अनोखी प्रजातियों पर खतरा भी बढ़ रहा है. खासतौर पर ड्रैगन ब्लड ट्री की संख्या धीरे-धीरे घट रही है.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930