Mango pickle recipe, गर्मी आते ही किचन में एक अलग ही खुशबू बस जाती है और वो है आम के अचार की. हर घर में कोई न कोई दादी या मम्मी का स्पेशल अचार जरूर होता है, जिसका स्वाद सालों तक याद रहता है. अचार सिर्फ एक साइड डिश नहीं बल्कि पूरे खाने का मजा बदल देता है. सादी दाल चावल हो या पराठा, अगर साथ में टेस्टी आम का अचार हो तो खाने का मजा दोगुना हो जाता है. आजकल बाजार में बहुत तरह के अचार मिल जाते हैं, लेकिन घर का बना अचार जो स्वाद, शुद्धता और भरोसा देता है, वो कहीं और नहीं मिलता.

हालांकि कई बार लोग कोशिश करते हैं लेकिन अचार खराब हो जाता है, खट्टा सही नहीं आता या जल्दी खराब हो जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत आम का चुनाव और थोड़ी सी लापरवाही. अगर आप सही आम चुन लें और कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखें, तो आपका अचार सालों तक खराब नहीं होगा और हर बार वही परफेक्ट स्वाद देगा

अचार के लिए सही आम कैसे चुनें: अचार बनाने की शुरुआत ही सही आम से होती है. इसके लिए हमेशा कच्चे, सख्त और खट्टे आम का चुनाव करें. ऐसे आम जिनका गूदा सख्त हो और जिनमें रेशा कम हो, वही सबसे अच्छे माने जाते हैं. आम की किस्म की बात करें तो Totapuri, Ramkela और Rajapuri जैसे आम अचार के लिए सबसे सही रहते हैं. इनका स्वाद हल्का खट्टा होता है और ये मसालों को अच्छे से सोख लेते हैं. ध्यान रखें कि आम बिल्कुल हरे रंग के हों, उनमें पीले धब्बे या नरमी नहीं होनी चाहिए. अगर आम दबाने पर सॉफ्ट लगे या उसमें हल्की सी भी मिठास आने लगी हो, तो उसे अचार के लिए बिल्कुल न लें.

आम खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान: जब आप बाजार से आम खरीदने जाएं तो सिर्फ दिखने पर भरोसा न करें. आम को हल्का सा दबाकर देखें, अगर वह बहुत सख्त है तो सही है. उसके डंठल के पास कोई गीलापन या बदबू नहीं होनी चाहिए. छिलका स्मूद और साफ होना चाहिए, कहीं से कटा या फटा हुआ नहीं होना चाहिए. ऐसे आम लेने से बचें जिनमें काले धब्बे या दरारें हों, क्योंकि ऐसे आम जल्दी खराब हो जाते हैं और अचार भी बिगाड़ देते हैं.

अचार बनाने से पहले आम की सही तैयारी: अचार बनाने से पहले आम को अच्छे से धोना बहुत जरूरी है. इसके बाद उन्हें पूरी तरह सुखाना सबसे अहम स्टेप होता है. अगर आम में जरा भी पानी रह गया तो अचार जल्दी खराब हो सकता है. आम को धोने के बाद साफ कपड़े से पोंछें और कुछ समय धूप या पंखे के नीचे सूखने दें. इसके बाद ही उन्हें काटें. कटे हुए आम में नमक और हल्दी मिलाकर 1 से 2 दिन तक धूप में रखना चाहिए, इससे उसमें मौजूद नमी निकल जाती है और अचार ज्यादा दिन तक सुरक्षित रहता है.

सरसों के तेल का सही इस्तेमाल क्यों जरूरी है: भारतीय अचार में सरसों का तेल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है और इसका एक खास कारण है. यह तेल अचार को खराब होने से बचाता है और उसमें एक अलग स्वाद भी देता है. लेकिन तेल को सीधे इस्तेमाल करना सही नहीं होता. पहले तेल को अच्छे से गर्म करें जब तक उसमें हल्का धुआं न निकलने लगे, फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद ही अचार में डालें. इससे तेल की कच्ची महक खत्म हो जाती है और अचार का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

अचार को स्टोर करने का सही तरीका: अचार जितना अच्छा बने, उतना ही जरूरी है उसे सही तरीके से स्टोर करना. हमेशा कांच या सिरेमिक के साफ और सूखे जार का इस्तेमाल करें. जार को इस्तेमाल से पहले धूप में अच्छी तरह सुखा लें ताकि उसमें नमी बिल्कुल न रहे. अचार को जार में डालने के बाद ध्यान रखें कि वह पूरी तरह तेल में डूबा रहे. तेल एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव की तरह काम करता है और अचार को लंबे समय तक खराब नहीं होने देता. बीच बीच में साफ और सूखा चम्मच ही इस्तेमाल करें, इससे अचार में बैक्टीरिया नहीं जाएंगे.

छोटी छोटी गलतियां जो अचार खराब कर देती हैं: अक्सर लोग छोटी छोटी गलतियां कर देते हैं जैसे गीले हाथ से अचार निकालना, जार को खुला छोड़ देना या तेल कम डालना. ये सारी चीजें अचार को जल्दी खराब कर सकती हैं. इसलिए हमेशा साफ सफाई और सूखापन बनाए रखें. याद रखें कि अचार में नमी सबसे बड़ा दुश्मन है.

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