बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना से जुड़ी यादें आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं. उनका मशहूर बंगला ‘आशीर्वाद’ भी कभी इंडस्ट्री का एक बड़ा पहचान चिन्ह माना जाता था. अब इसी घर और उससे जुड़ी यादों को लेकर वेटरन एक्ट्रेस मुमताज ने अपनी भावनाएं शेयर की हैं, जिसमें उन्होंने पुराने दिनों, अपने रिश्तों और खास पलों को याद किया.

राजेश खन्ना के आशीर्वाद बंगले को लेकर इमोशनल हुई मुमताज
हाल ही में विक्की लालवानी से बातचीत में मुमताज ने बताया कि उनका राजेश खन्ना से गहरा रिश्ता था, वह अक्सर उस बंगले में जाया करती थीं और उससे जुड़ी कई यादें आज भी उनके दिल के करीब हैं. मुमताज ने राजेश खन्ना के बंगले ‘आशीर्वाद’ को याद करते हुए कहा कहा, ‘मुझे बहुत दुख हुआ था. आज भी जब मैं उस बिल्डिंग को देखती हूं, तो कहती हूं ये मेरे हीरो का घर था.’ 

मुमताज ने यह भी बताया कि उनका अपना घर, जो उन्होंने मानी कुमारी से खरीदा था, ‘आशीर्वाद’ के बहुत करीब था. ‘कार्टर रोड पर जो हमारा घर है, वह पहले मीना कुमारी का था और राजेश खन्ना के बंगले के पास ही था. मैं वहां अक्सर जाया करती थी.’

अंजू महेन्द्रू और राजेश खन्ना बुहत ख्याल रखते थे- मुमताज 
उन्होंने उन दिनों को याद करते हुए कहा कि अंजू महेन्द्रू और राजेश खन्ना दोनों उनका बहुत ख्याल रखते थे. ‘जब अंजू उनके साथ थीं, तो वह मुझे बुलाती थीं. मैं जब मायूर से सगाई के बाद जाती थी, तो उन्हें भी साथ ले जाती थी. काका और अंजू हमारा बहुत ख्याल रखते थे. खाओ, ये लो, वो लो. फिल्म इंडस्ट्री के लोग दिल के बहुत बड़े होते हैं.’

मुमताज ने राजेश खन्ना के बंगले ‘आशीर्वाद’ को लेकर कहा कि उनकी इच्छा थी कि इसे उनके निधन के बाद म्यूज़ियम बना दिया जाए. ‘सपना था कि इसे म्यूज़ियम बनाया जाएगा, लेकिन उनके जाने के बाद पता नहीं क्यों इसे बेच दिया गया.’ हालांकि, उन्होंने इस पर ज्यादा अटकलें लगाने से साफ इनकार किया. ‘मैंने सुना था कुछ समस्याएं थीं, लेकिन सच क्या है, मुझे नहीं पता. जब सच्चाई नहीं पता हो, तो टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.’

मुमताज़ ने कहा कि इंडस्ट्री में उनके रिश्ते हमेशा लंबे समय तक रहे हैं. ‘मैं बहुत इमोशनल इंसान हूं. जब मैं किसी से प्यार करती हूं या दोस्ती करती हूं, तो वो हमेशा के लिए होती है. मैं अंजू और काका के बहुत करीब थी.’

सेट के एक्सपीरियंस किए याद
मुमताज ने राजेश खन्ना के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें उनकी आदतों की पूरी समझ थी. उन्होंने कहा ‘नहीं, मुझे दिक्कत नहीं होती थी, क्योंकि वो आकर अपना काम पूरा करते थे. हमारे बीच एक समझ थी-मुझे पता था वो लेट आएंगे, लेकिन काम खत्म करेंगे.’

उन्होंने बताया कि वह अपने शेड्यूल को उसी हिसाब से एडजस्ट कर लेती थीं. कभी-कभी बहस भी होती थी, लेकिन मैं काफी एडजस्ट करती थी. डायरेक्टर पहले मेरे सोलो शॉट्स ले लेते थे. मैं खुद पूछती थी हाई पिच में करना है या लो में और उसी हिसाब से परफॉर्म करती थी.’ ‘जब वो आते थे, तब हम साथ वाले सीन शूट करते थे. उसके बाद मेरा पैक-अप हो जाता था. मैं उनसे कहती थी मेरे क्लोज-अप हो गए हैं, अब आप अपना हिस्सा कर लीजिए. आप लेट आए हैं, मैं जा रही हूं.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930