तेहरान: ईरान ने युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के अपने सबसे ताजा राजनयिक कदम के तहत अमेरिका को 14-सूत्रीय एक नया प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में सबसे खास बात परमाणु हथियार पर बातचीत है। ऐसा लगता है कि ईरान अमेरिका पर युद्ध समाप्त करने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने का दबाव बनाने के लिए बाद में किसी तारीख पर परमाणु मुद्दों पर चर्चा करने की संभावना पेश कर रहा है। हालांकि अपने नवीनतम प्रस्ताव में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में कोई रियायत देने की कोई पक्की प्रतिबद्धता नहीं जताई है।

वहीं शनिवार को इस नए प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इसका अध्ययन कर रहे हैं लेकिन उन्हें पक्का यकीन नहीं है कि वह ईरान के साथ कोई समझौता कर पाएंगे। यह बात उन्होंने तब कही जब एक दिन पहले ही उन्होंने मध्यस्थ पाकिस्तान के जरिए तेहरान से मिले पिछले प्रस्ताव पर अपनी निराशा जाहिर की थी।

क्या परमाणु मुद्दे पर बातचीत को तैयार है ईरान?

तेहरान के प्रस्ताव के दूसरे चरण में कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत शामिल है। प्रस्ताव के नौवें प्वाइंट में ऐसा लगता है कि ईरान परमाणु मुद्दों पर बाद में चर्चा करने की संभावना पेश कर रहा है ताकि संयुक्त राज्य अमेरिका पर युद्ध खत्म करने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने का दबाव बनाया जा सके। एक्सियोस ने 2 मई को प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान अगले महीने तक होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध की समाप्ति के संबंध में किसी समझौते पर पहुंच जाते हैं तो ईरान एक महीने तक परमाणु वार्ता करने पर सहमत हो जाएगा।

  • अल जज़ीरा ने बताया कि ईरान ने “15 साल तक” यूरेनियम संवर्धन को रोकने के “विचार पर चर्चा करने” की पेशकश की है। यह पिछली ईरानी पेशकशों के मुकाबले काफी लंबी अवधि है। पहले ईरान ने पांच वर्षों के लिए संवर्धन को रोकने का प्रस्ताव दिया था।
  • ईरानी प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि संवर्धन में रुकावट खत्म होने के बाद ईरान 3.6 प्रतिशत तक संवर्धन कर सकता है।
  • 2015 के ‘संयुक्त व्यापक कार्य योजना’ (JCPOA) के तहत ईरान को पहले 3.67 प्रतिशत तक संवर्धन करने की अनुमति थी।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वो चाहते हैं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को हमेशा के लिए बंद कर दे
  • प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि ईरान अपने ‘अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम’ (HEU) के भंडार के “भविष्य पर चर्चा करने” को तैयार है। इसके संभावित विकल्पों में इस भंडार को विदेश भेजना या इसे हल्का (dilute) करना शामिल है।
  • अमेरिका ने मांग की है कि ईरान अपना HEU भंडार उसे सौंप दे। प्रस्ताव में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि ईरान अपनी किसी भी परमाणु सुविधा को नष्ट नहीं करेगा।
  • प्रस्ताव में ईरान की तरफ से अपने परमाणु कार्यक्रम में दी जाने वाली “रियायतों” के बदले ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
  • इसी तरह ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने 1 मई को बताया कि ईरान के प्रस्ताव में “अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही गई है।”

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 3 मई को जोर देकर कहा कि ईरान का 14-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव पूरी तरह से युद्ध को खत्म करने पर केंद्रित है और इसमें परमाणु मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है। इसीलिए सवाल ये है कि क्या परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान अब अमेरिका के सामने झुकने के लिए तैयार है। इरान की अर्थव्यवस्था को अमेरिकी नाकाबंदी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और युद्ध शुरू होने के बाद से 20 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हुए हैं। ईरान की सरकार को आशंका है कि बेरोजगारी विस्फोट से उसके खिलाफ लोग सड़कों पर उतर सकते हैं।

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