अजमेर। एक महिला कांस्टेबल ने पुलिस के सिपाही पर शादी का झांसा देकर रेप, ब्लैकमेलिंग और करीब 28 लाख रुपए की ठगी सहित बच्चे के सामने ही देहशोषण के गंभीर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करवाया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी कांस्टेबल समेत उसके परिवार के 5 जनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इधर, एसपी ने मुख्य आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।
पीड़िता ने सिविल लाइंस थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि वह करीब 15 साल से राजस्थान पुलिस में महिला कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। पति के बाहर रहने के कारण लंबे समय तक अकेली रह रही थी। साल 2018 में उसकी पहचान जिला स्पेशल टीम में तैनात कांस्टेबल से हुई। पीड़िता का विश्वास जीतकर साथी कांस्टेबल ने उसकी निजी जिंदगी में दखल देना शुरू कर दिया। उसने पीड़िता को उसके पति के खिलाफ भड़काया और खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बताते हुए निवेश के नाम पर पैसे लगवाने शुरू कर दिए।
नशीला पदार्थ पिलाकर रेप, बनाए अश्लील वीडियो
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाकर अश्लील फोटो, वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने शिकायत में बताया कि नवम्बर 2018 में आरोपी ने सरकारी आवास पर बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया गया। होश में आने पर आरोपी ने कथित रूप से अश्लील वीडियो दिखाकर उसे धमकाया।
वसूली रकम, गैंगस्टर की धमकी
पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे लगातार राशि वसूली। साल 2020-2025 के बीच करीब 28 लाख रुपए अलग-अलग माध्यम से उससे ले लिए। आरोपी ने पीड़िता के नाम पर लोन उठवाकर कार खरीदी और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर भी रकम हड़प ली। आरोपी कांस्टेबल और उसके परिजनों ने करीब 290 ग्राम सोने के गहने लेकर वापस नहीं लौटाए और बाद में बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया। विरोध करने पर जान से मारने व गैंगस्टर से हमला करवाने की धमकी दी गई।
जबरन गर्भपात करवाया
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी के लगातार शारीरिक शोषण से गर्भवती होने पर गर्भपात करवा दिया। आरोपी नशे में उसके घर आकर उसके छोटे बच्चे के सामने अश्लील हरकतें करता था। पुलिस ने प्रकरण में पोक्सो एक्ट की धारा भी शामिल की है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे पति से तलाक के लिए उकसाया, लेकिन खुद अपनी पत्नी से अलग नहीं हुआ।
पीड़िता की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल, उसकी बहन, भाई, पत्नी, जीजा समेत अन्य के खिलाफ वीएनएस की विभिन्न धाराओं व पोक्सो एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। वृत्ताधिकारी (उत्तर) शिवम जोशी ने पीड़िता की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्य में सोशल मीडिया चेट, बैंक ट्रांजेक्शन, फोटो व अन्य दस्तावेज के आधार पर प्रकरण में अनुसंधान शुरू कर दिया।
इनका कहना है
पीड़िता की शिकायत पर आरोपी कांस्टेबल व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। मुख्य आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। अनुसंधान के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-हर्षवर्धन अग्रवाला, पुलिस अधीक्षक अजमेर



















