विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर सामने आए हंटावायरस संक्रमण को लेकर लोगों को आश्वस्त किया है। संगठन ने कहा कि फिलहाल इस वायरस के फैलाव के सीमित रहने की उम्मीद है, हालांकि आने वाले दिनों में कुछ और मामले सामने आ सकते हैं।
WHO के इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पॉन्स डायरेक्टर अब्दी रहमान महमूद ने गुरुवार को कहा कि अगर सभी देश सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करें और सहयोग बनाए रखें, तो यह प्रकोप सीमित रहेगा। हालांकि WHO ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ और संक्रमण के मामले सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह कोविड जैसी महामारी नहीं
WHO की महामारी तैयारी और रोकथाम निदेशक मारिया वैन केरखोव ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति को कोविड-19 जैसी महामारी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसी महामारी की शुरुआत नहीं है। यह कोविड नहीं है। WHO ने बताया कि उसने पांच देशों की लैब्स को हंटावायरस की जांच के लिए 2,500 डायग्नोस्टिक किट भेजी हैं, ताकि संक्रमण की पहचान और निगरानी तेजी से की जा सके।
क्रूज से उतर गए थे दर्जनों यात्री
जहाज संचालक और डच अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि घातक हंटावायरस के प्रकोप से प्रभावित एक क्रूज से दर्जनों यात्री 24 अप्रैल को बिना संपर्क ट्रेसिंग के जहाज छोड़ गए थे। यह घटना जहाज पर पहले यात्री की मौत के लगभग दो सप्ताह बाद हुई थी। कंपनी ने पहले कहा था कि 11 अप्रैल को मृत डच व्यक्ति का शव सुदूर दक्षिण अटलांटिक द्वीप सेंट हेलेना पर जहाज से उतारा गया था, जहां उनकी पत्नी भी उतरी थीं। इसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हुईं और वहीं उनकी मृत्यु हो गई।
कंपनी ने गुरुवार को कहा कि 29 यात्रियों ने जहाज छोड़ा, जबकि डच विदेश मंत्रालय ने यह संख्या लगभग 40 बताई है। कंपनी ने पहले यह स्वीकार नहीं किया था कि उस समय दर्जनों और लोग जहाज से उतरे थे। ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स ने कहा कि अपने-अपने देशों में लौटने वाले लोग 12 अलग-अलग राष्ट्रीयताओं के थे। दो ऐसे लोग भी थे, जिनकी राष्ट्रीयता अज्ञात थी।
दक्षिण अफ्रीका और यूरोप के अधिकारी जहाज से उतरे सभी यात्रियों के संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को यह जानकारी सामने आई कि सेंट हेलेना में जहाज से उतरने और वापस घर जाने के बाद स्विट्जरलैंड में एक व्यक्ति में हंटावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, हालांकि उसके सटीक संपर्क विवरण स्पष्ट नहीं हैं। डच अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि जहाज से उतरे अन्य यात्री अब कहां हैं।



















