“त्याग केवल जनता ही नहीं, मंत्री और अधिकारियों को भी करना होगा”
20 मई को विमतारा भवन रायपुर में होगी विशेष चर्चा
रायपुर। विश्व में बढ़ते तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, गैस आदि के उपयोग में मितव्ययता बरतने तथा स्वदेशी अपनाने की अपील का भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने स्वागत किया है।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी एवं प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संगठन मंत्री टी पी सिंह, रायपुर संभाग अध्यक्ष शैलेन्द्र सिन्हा, रायपुर जिला अध्यक्ष आर जी बोहरे एवं सचिव ओ डी शर्मा ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री की अपील समयानुकूल एवं राष्ट्रहित में है, लेकिन इसकी शुरुआत शासन और सत्ता में बैठे लोगों से दिखाई देनी चाहिए।

महासंघ ने कहा कि यदि देश आर्थिक संयम और संसाधनों की बचत की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है, तो छत्तीसगढ़ राज्य में चल रहे “सुशासन तिहार” जैसे बड़े खर्च वाले कार्यक्रमों पर फिलहाल रोक लगाई जानी चाहिए। मंत्रीगणों के लगातार दौरे सीमित किए जाएं तथा मंत्री काफिलों में केवल पायलट वाहन ही रखा जाए। मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के घरों में कई-कई सरकारी गाड़ियों के उपयोग और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाना समय की मांग है।

महासंघ ने आगे कहा कि देश में मुफ्त योजनाओं की संस्कृति को धीरे-धीरे समाप्त कर जरूरतमंदों के लिए सम्मानजनक एवं समान व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। संसद कैंटीन की दर पर आम नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराने तथा आयकर छूट की सीमा आम कर्मचारियों एवं नागरिकों के लिए भी राजनीतिज्ञों के समान करने जैसे कदम उठाए जाएं। इससे आर्थिक असमानता कम होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।
प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि जनता हमेशा देशहित में त्याग करने को तैयार रहती है, लेकिन जनता से अपील करने से पहले यदि शासन के नुमाइंदे स्वयं सादगी और मितव्ययता की शुरुआत करें तो जनता का समर्थन और विश्वास दोनों अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि आचरण से होता है।

महासंघ ने बताया कि 20 मई 2026 को विमतारा भवन, शांतिनगर, रायपुर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों, मितव्ययता, सुशासन एवं शासन-प्रशासन की जवाबदेही जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी।



















