कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रख रहे हैं और नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। बुधवार को उन्होंने भवानीपुर से विधायक के रूप में राज्य विधानसभा में शपथ ली। शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा कि नंदीग्राम से कोई और विधायक उपचुनाव में चुना जाएगा। लेकिन मैं वहां के लोगों को अपनी कमी महसूस नहीं होने दूंगा।
नंदीग्राम के लोगों से किया वादा करूंगा पूरा
उन्होंने कहा कि मैं राज्य के बाकी हिस्सों के साथ ही नंदीग्राम के लोगों से किए गए सभी विकास संबंधी वादों को पूरा करूंगा। अधिकारी ने 2009 से 2016 तक नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस विधायक रहीं फिरोजा बीबी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय वह ममता बनर्जी की पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उन्होंने कहा कि हालांकि मैं आधिकारिक तौर पर उस सीट का विधायक नहीं था, फिर भी मैंने 2008 के नंदीग्राम पुलिस गोलीबारी कांड में शहीद हुए व्यक्ति की मां फिरोजा बीबी को पूरा समर्थन दिया था। इस बार भी मैं वैसी ही भूमिका निभाऊंगा।
शुभेंदु अधिकारी ने दो सीटों से हासिल की थी जीत
- विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर सीट पर उन्हें कांटे की टक्कर में 15,105 वोटों से हराया था।
- वहीं, उन्होंने अपने मजबूत गढ़ नंदीग्राम सीट पर तृणमूल कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वी पवित्र कर को 9,665 वोटों से पराजित किया था।
प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने शपथ दिलाई
बता दें कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों ने बुधवार को विधानसभा में शपथ ली। विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने उन्हें शपथ दिलाई। नवनियुक्त राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक भी 294 सदस्यीय सदन में विधायक के रूप में शपथ लेने वालों में शामिल थे। मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा में पहले दिन अधिकारी ने बी आर आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। विधानसभा परिसर में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।



















