ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं की बीमारी मानी जाती है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है. हालांकि, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ये बीमारी बहुत कम पाई जाती है लेकिन फिर भी कुछ सालों में ये मामले बढ़े हैं. पुरुषों में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर को लेकर लोग जागरुक नहीं हैं. ध्यान ना देने की वजह से कई पुरुषों को इस बीमारी का पता काफी एडवांस स्टेज में जाकर चलता है.
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण-पुणे के आदित्य बिरला मेमोरियल हॉस्पिटल के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर जगदीश शिंदे का कहना है कि कुछ खास वजहों से पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. जैसे कि अगर किसी पुरुष ने अपनी छाती के पास रेडिएशन थेरेपी ली है तो उसमें ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है. इसके अलावा अगर किसी के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही है तो उसमें भी इस बीमारी की संभावना बढ़ जाती है. खराब लाइफस्टाइल या कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से भी पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है.
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण- पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के ज्यादातर मामले 60 साल से अधिक के पुरुषों में पाए गए हैं. लक्षण ना पता होने की वजह से पुरुषों में इसकी गंभीर स्थिति देखने को मिलती है. आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जिन्हें किसी भी पुरुष को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
छाती में गांठ बनना-अगर आपकी छाती पर गांठ बन रही है तो इसे नजरअंदाज ना करें. ये ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण हो सकता है. ये गांठ एक ब्रेस्ट में ही निप्पल के आसपास होता है. आमतौर पर इन गांठ में दर्द नहीं होता है लेकिन छूने पर ये सख्त होता है. जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, इसकी सूजन गर्दन तक फैल जाती है. हालांकि ज्यादातर गांठ कैंसर का लक्षण नहीं होते हैं लेकिन फिर भी अगर आपको ऐसी कोई शिकायत है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.
पिंपल की तरह का घाव- ब्रेस्ट कैंसर में ट्यूमर स्किन से ही उभरता है, ऐसे में कैंसर बढऩे के साथ निप्पल्स पर खुला घाव दिखाई पड़ सकता है. ये घाव एक पिंपल की तरह दिखता है. इसके अलावा बगल में गांठ आ जाना या छाती की स्किन का रंग बदलने जैसे लक्षण भी पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हो सकते हैं.
ट्यूमर बढऩे के साथ-साथ ब्रेस्ट के अंदर खिंचाव होने लगता है. ऐसे में निप्पल्स अंदर की ओर चले जाते हैं. निप्पल्स वाले हिस्से के आस-पास की त्वचा रूखी होने लगती है और रैशेज भी होने लगते हैं.
निप्पल डिस्चार्ज- अगर आपको अपनी शर्ट पर अक्सर किसी तरह का दाग दिखता है तो इसे नजरअंदाज ना करें. इस निप्पल डिस्चार्ज में खून भी हो सकता है. निप्पल के आसपास की स्किन में सूजन आ जाती है और स्किन छूने में बहुत हार्ड लगती है.
अन्य लक्षण- इन लक्षणों के साथ हर समय थकान, हड्डियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बीमार महसूस होना और स्किन में खुजली जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. अगर आपको इन लक्षणों में से कुछ भी दिखाई देता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें.
डायग्नोसिस- पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण दिखाई दिए जाने के बाद उनकी बायोप्सी की जाती है. इसमें छाती में हुई गांठ से एक टुकड़ा निकालकर टेस्ट के लिए लैब में भेजा जाता है. टेस्ट में पता चलता है कि ये गांठ कैंसर की वजह से है या नहीं. इसके अलावा, कैंसर के कुछ और टेस्ट भी किए जाते हैं ताकि इसके स्टेज पता लगाया जा सके.
क्या है इलाज- ब्रेस्ट कैंसर का इलाज पुरुषों और महिलाओं में ज्यादातर एक ही तरह से होता है. ब्रेस्ट कैंसर में तीन तरह से इलाज किया जाता है. पहले इलाज में मरीज का ऑपरेशन कर छाती से गांठ निकाल दी जाती है. दूसरे तरीके में मरीज की कीमोथेरेपी की जाती है जिसमें दवाओं के जरिए कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है.
तीसरा इलाज रेडिएशन थेरेपी के जरिए किया जाता है. इसमें हाई एनर्जी एक्स-रे या गामा-रेज रेडिएशन के माध्यम से कैंसर का ट्रीटमेंट किया जाता है. डॉक्टर्स का कहना है कि हर व्यक्ति को ये जानना जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को नहीं होता है. इसलिए हर किसी को अपने लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है.

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