कबीरधाम | जिला कबीरधाम के ग्राम कुण्डा में छ.ग प्रदेश चंदनिया कुर्मी समाज के नवनिर्मित गुणवत्ताविहीन भवन का शिलान्यास छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों उनको अंधेरे में रखकर 27 मई को शिलान्यास कराने का कार्यक्रम वहां के समाजिक कर्ता-धर्ताओ के द्वारा तय किया गया हैं। इसे लेकर समाज के लोगों में रोष व्याप्त हैं तथा इस शिलान्यास कार्यक्रम में भूपेश बघेल के भाग ना लेने की अपेक्षा समाज के लोगों ने की हैं।
गौरतलब हैं कि ग्राम कुण्डा में गुणवत्ताविहीन नवनिर्मित समाजिक भवन के निर्माण को लेकर जिलाध्यक्ष वीरेंद्र चंद्राकर ने इसकी शिकयत कलेक्टर कबीरधाम एवं क्षेत्रीय विधायक भावना बोहरा को लिखित शिकायत देकर भवन निर्माण ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की थी।

श्री चंद्राकर ने बताया कि 20 लाख की लागत से निर्मित होने वाले इस समाजिक भवन निर्माण के लिए कार्य ऐजेंसी आरईएस विभाग को बनाया गया और विभाग ने इसका ठेका किसी ठेकेदार को दे दिया। लेकिन विभागीय ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार व अनियमितता बरते हुए गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया। शिकायत में उन्होने बताया कि भवन निर्माण में फिलिंग के लिए मुरूम के स्थान पर काली मिट्टी का उपयोग किया गया। वही दीवारों के लिए गुणवत्ता विहीन ईट लगाई गई। इस तरह भवन निर्माण में निर्धारित माप दण्ड के अनुरूप सरिया का भी उपयोग नहीं किया गया। इसके चलते भवन में लेंटर ढाने से पहले ही दीवारों में ऊपर से लेकर नीचे तक दरारे आ गई। श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया हैं कि यह सब विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से हुआ।
पूर्व में हुई समाज की एक बड़ी बैठक में स्वयं ठेकेदार ने पूरे समाज के सामने यह कहा था कि इस भवन के काम के बदले ममता मनोज चंद्राकर को 4 लाख रुपये कमीशन देने पड़े। गुणवत्ताहीन भवन का निर्माण को लेकर जांच आज भी जारी है।

भ्रष्टाचार के भवन को भूपेश का सहारा
प्रदेश के पूर्व मुखिया माननीय शायद इन सब बातों से अनजान हैं, या फिर उन्हें गुमराह किया जा रहा है, अथवा इस पूरे मामले में उनका भी मौन समर्थन है। ममता-मनोज चंद्राकर अपने भ्रष्टाचार के इस भवन को बचाने और छुपाने के लिए आज उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।



















