CBSE 12वीं के रिजल्ट आने के बाद इस बार काफी विवाद देखने को मिला है। इस बार CBSE ने कॉपी चेक करने के लिए एक नई प्रणाली ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) अपनाई थी। रिजल्ट आने के बाद लाखों बच्चों ने आपत्ति जताई। नए सिस्टम को लेकर बच्चों ने गलत स्कैन कॉपी अपलोड होने, धुंधले पन्ने और उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी जैसे आरोप लगाए। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी मंगवाई है और अगर टोटल कॉपी की बात करें तो 11 लाख से ज्यादा कॉपियों की मांग की गई है। आज यानि शुक्रवार से री-इवेल्यूशन शुरू कर दिया गया है। अपने रिजल्ट से असंतुष्ट स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं।
क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली?
इस बार 2026 में CBSE ने 12वीं की कॉपियां जांचने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया था। इसमें एग्जामिनरों ने स्टूडेंट्स की स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड की गई कॉपी को चैक किया और उसी के आधार पर नंबर दिए। बार्ड का कहना था कि इससे जल्दी और पारदर्शी तरीके से कॉपी जांची जा सकेंगी। लेकिन रिजल्ट आने के बाद स्थिति पूरी उल्टी नजर आई। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं। कुछ का कहना था कि उनके कुछ जवाब चेक ही नहीं किए गए, जबकि कुछ का कहना था कि पोर्टल पर कॉपी धुंधली दिख रही हैं। कुछ छात्रों ने तो यह भी शिकायत की कि कॉपी किसी और की अपलोड हो रखी है।
विरोध बढ़ने पर CBSE ने घटाई फीस
रिजल्ट को लेकर बढ़ते विवाद और छात्रों की नाराजगी के बीच CBSE को अपनी फीस में बदलाव करना पड़ा। पहले जहां उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी पाने के लिए छात्रों को 700 रुपये प्रति विषय देने पड़ते थे, वहीं अब इसके लिए सिर्फ 100 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह अंकों के सत्यापन की फीस भी 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये प्रति विषय कर दी गई है। वहीं री-इवैल्यूएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न का शुल्क रखा गया है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि अगर री-इवैल्यूशन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं तो उससे ली गई री-इवैल्यूएशन फीस वापस कर दी जाएगी।
ऐसे करें आवेदन
स्टेप 1: सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका (Scanned Copy) प्राप्त करें।
स्टेप 2: कॉपी को ध्यान से जांचें और देखें कि सभी सवालों की जांच हुई है या नहीं, कहीं कोई पेज छूटा तो नहीं है और अंकों का जोड़ सही है या नहीं।
स्टेप 3: अगर कॉपी में किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो अंकों के सत्यापन (Verification of Marks) के लिए आवेदन करें।
स्टेप 4: सत्यापन के बाद यदि किसी सवाल में नंबर गलत तरीके से काटे गए लगते हैं, तो उस विशेष प्रश्न के लिए री-इवैल्यूएशन (Re-Evaluation) की मांग करें।
स्टेप 5: आवेदन पूरा होने के बाद बोर्ड द्वारा जारी अपडेट का इंतजार करें और समय-समय पर पोर्टल चेक करते रहें।
नोट: री-इवैल्यूएशन के बाद आपके अंक बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या पहले जैसे ही रह सकते हैं।
अभी भी विवाद जारी
CBSE का रिजल्ट विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों की शिकायतों के बीच एक 19 साल के हैकर ने पोर्टल की कमियों का खुलासा किया है। उसने बताया कि पोर्टल पर एक मास्टर पासवर्ड मौजूद था जिससे बिना ओटीपी के अकाउंट एक्सेस किया जा सकता था। हालांकि बोर्ड ने कहा कि वह सिर्फ ट्रायल के लिए बनी एक वेबसाइट थी। असल वेबसाइट हैक नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।



















