छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में चमगादड़ों की लगातार हो रही रहस्यमयी मौतों ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है. पिछले कई दिनों से रोजाना बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है. मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सैंपल एकत्र कर भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए हैं. प्रारंभिक तौर पर भीषण गर्मी और किसी संक्रमण को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
हर दिन 50-70 चमगादड़ों की मौत
दल्लीराजहरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार 50 से 70 चमगादड़ों के रोज मृत मिलने की जानकारी सामने आ रही है. यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन और वन विभाग अलर्ट मोड में आ गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत को असामान्य मानते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.
अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
स्थिति को देखते हुए डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने तत्काल जांच के निर्देश देते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा है. वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है और प्रभावित इलाकों की पहचान की जा रही है.
संयुक्त टीम कर रही जांच
वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मृत चमगादड़ों के सैंपल एकत्र किए हैं. इन सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे असली कारण क्या है.
गर्मी और संक्रमण की आशंका
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने भीषण गर्मी को एक संभावित कारण बताया है. इसके साथ ही किसी तरह के संक्रमण या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बिना वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मृत या बीमार चमगादड़ों को हाथ न लगाएं. यदि कहीं भी इस तरह की घटना दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें. इससे संक्रमण फैलने के खतरे को कम किया जा सकता है.
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
चमगादड़ों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग और स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की निगाहें भोपाल से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति की वास्तविकता सामने आएगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.



















