चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद सीएम सी जोसेफ विजय ने काफी दिनों मुख्यमंत्री कार्यालय में बिताए थे। अब राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सचिवालय के कामकाज को दुरस्त करने के लिए मानव संसाधन प्रबंधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक और फेस ID-आधारित हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है। यह पहल पहली बार है जब सचिवालय के किसी विभाग में इस तरह का सिस्टम औपचारिक रूप से शुरू किया गया है, और उम्मीद है कि इसे धीरे-धीरे दूसरे विभागों में भी बढ़ाया जाएगा।
सभी अधिकारियों-कर्मचारी पर आदेश लागू
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन प्रबंधन विभाग ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सोमवार से अपनी हाजिरी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या फेस ID वेरिफिकेशन के जरिए दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने बताया कि इस नए सिस्टम का मकसद सरकारी कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता, जवाबदेही और समय की पाबंदी को बेहतर बनाना है।
बायोमेट्रिक या फेस ID हाज़िरी सिस्टम 1 जून से लागू होगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे सुबह 10 बजे से पहले दफ़्तर आएं और मैन्युअल हाजिरी के अलावा बायोमेट्रिक या फेस ID हाज़िरी सिस्टम के जरिए भी अपनी मौजूदगी पक्की करें।
तमिलनाडु सरकार का आदेश
10 बजे पहुंचना होगा सचिवालय
सर्कुलर में कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से पहले ड्यूटी पर आने और यह पक्का करने का निर्देश दिया गया है कि उनकी हाजिरी डिजिटल सिस्टम के ज़रिए दर्ज हो। अगले आदेश तक, कर्मचारियों को नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के साथ-साथ मैन्युअल हाजिरी रिकॉर्ड भी रखना जारी रखना होगा। सीएम बनने के बाद थलपति विजय भी राेज सुबह 10 बजे सीएमओ पहुंच रहे थे। अब इस आदेश के हड़कंप मच गया है।
ड्यूटी पर आईडी पहनने का भी निर्देश
हाजिरी के आदेश के अलावा, विभाग ने सभी कर्मचारियों को सचिवालय परिसर के अंदर ड्यूटी पर रहते समय अपना सरकारी पहचान पत्र पहनने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि हाजिरी सिस्टम पहले ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था। कुछ कर्मचारियों द्वारा इस नए सिस्टम को लेकर चिंताएं और आपत्तियां उठाने के बाद इसका लागू होना कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। टीवीके की जीत के बाद थलपति विजय 10 मई को सीएम बने थे। ऐसे में उनकी पहला बतौर सीएम पहला महीने 10 जून को पूरा होगा।



















