ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शनिवार शाम ‘काल बैशाखी’ तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही मिनटों में पूरा शहर ठहर सा गया. तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, बड़े-बड़े होर्डिंग्स गिर पड़े और सड़कें जाम हो गईं.  

तेज तूफान ने थाम दी शहर की रफ्तार

शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई. हवा इतनी तेज चली कि कुछ ही देर में शहर की रफ्तार रुक गई. सड़क पर चल रहे लोग और वाहन दोनों ही प्रभावित हुए. कई इलाकों में बिजली और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा.

पेड़ उखड़े, गाड़ियां हुईं क्षतिग्रस्त

तूफान का सबसे ज्यादा असर जयदेव विहार इलाके में देखा गया, जहां एक बड़ा पेड़ सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों पर गिर गया. इस हादसे में दस से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए और लंबा जाम लग गया.

जनता मैदान में चल रही इंटरनेशनल ट्रेड फेयर की तैयारियां भी इस तूफान की चपेट में आ गईं. वहां लगे बड़े-बड़े टेंट और अस्थायी ढांचे तेज हवा और बारिश को झेल नहीं पाए और क्षतिग्रस्त हो गए. इससे आयोजन की तैयारियों पर बड़ा असर पड़ा है.

होर्डिंग्स गिरे, ओलावृष्टि ने बढ़ाया डर

कई जगहों पर भारी होर्डिंग्स और विज्ञापन बोर्ड गिर गए, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया. वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिसने लोगों को और भी चौंका दिया. अचानक बदले इस मौसम ने शहर का माहौल पूरी तरह भयावह बना दिया.

तूफान के बाद प्रशासन और राहत टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं. गिरे हुए पेड़ों को हटाने और रास्तों को साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है. प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

जल्द दस्तक दे सकता है मानसून

इस बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है. वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 6 से 8 दिनों के अंदर दक्षिण-पश्चिम मानसून ओडिशा पहुंच सकता है. मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है.

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