छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय है और कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। निम्न दबाव क्षेत्र समेत कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बादल और बारिश की स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में सरगुजा और रायपुर संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 2 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड हुई है। मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल, उससे लगे उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
कई इलाकों में भारी बारिश का असर
31 अगस्त तक उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बनी। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले समय में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
2 सितंबर से कमजोर पड़ सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि उससे पहले कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है।रायपुर में भी मौसम अभी पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। आज शहर में बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज-चमक होने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री के आसपास रह सकता है।
इन जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।
चांदो में सबसे ज्यादा 29 सेमी बारिश
पिछले 24 घंटे के आंकड़ों में बलरामपुर जिले के चांदो में सबसे ज्यादा 29 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कोटाडोल में 17 सेंटीमीटर, कुसमी में 13 सेंटीमीटर तथा प्रतापपुर और शंकरगढ़ में 12-12 सेंटीमीटर बारिश हुई।सामरी में 9 सेंटीमीटर, जबकि भखारा और धमतरी में 7-7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। रायपुर में भी 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
अभी सावधानी जरूरी, फिर मिल सकती है राहत
फिलहाल सक्रिय मानसून और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर यलो अलर्ट वाले जिलों में लोगों को गरज-चमक और तेज बारिश के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 2 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता कम होने से प्रदेश के लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।



















