राजनांदगांव। टीबी (क्षय) मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए जिले में 15 से 31 जनवरी तक टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार का छत्तीसगढ़ को 2023 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है। इस अभियान के तहत गांव-गांव में सर्वे कर टीबी के पूर्व रोगी तथा टीबी के लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों से अपील करेगी किए इस रोग को छिपाएं नहीं बल्कि उसका इलाज कराएं। इलाज से टीबी की बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। अभियान के तहत जांच में किसी में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम के साथ-साथ कोरोना की भी जांच की जाएगी। साथ ही टीबी रोग पर नियंत्रण करने हेतु लोगों को सावधानियां बताते हुए जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। यह अभियान डीटीओ डॉ. अल्पना लुनिया के नेतृत्व में चलाया जाएगा। इससे पहले राज्य क्षय अधिकारी द्वारा वीडियो कान्फ्रेंस में टीबी रोगी खोज अभियान के संबंध में कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए शहरी क्षेत्रों में उच्च जोखिम क्षेत्र में कच्ची बस्ती, जिला कारागृह, वृद्धा आश्रम, निर्माणाधीन क्षेत्र के श्रमिक, रैन बसेरा, छात्रावासए अनाथ आश्रम और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च जोखिम क्षेत्र खदान, क्रेशर घनी आबादी, दूर-दराज के क्षेत्र, टीबी के पूर्व रोगी एवं कुपोषित क्षेत्र में घर-घर सर्वे किया जाएगा। टीम के लिए माइक्रो प्लानिंग कर ब्लॉक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गांव, पारा, जनसंख्या, टार्गेट एरिया, टार्गेटेड जनसंख्या तथा टीम की मेंबर के नाम की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस संबंध में डीटीओ डॉ. अल्पना लुनिया ने बताया, टीबी रोगी खोज अभियान में बीमारी की रोकथाम व लोगों को इससे राहत देने के उद्देश्य से जागरुकता के विभिन्न प्रयास किए जाएंगे। इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आरएमए एवं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा तथा सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी के मार्गदर्शन व दिशा-निर्देश में टीबी रोगी खोज अभियान संपूर्ण जिले में चलाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शत-प्रतिशत क्षय रोगियों की खोज की जाएगी। टीबी के संदेहास्पद मरीज पाए जाने पर नि:शुल्क एक्स-रे जांच, सैंपल कलेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन मेकेनिसम का उपयोग करते हुए स्पूटम परीक्षण एवं सीबी नॉट जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया, जिले के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक एनटीईपी कर्मचारी एवं एक स्वास्थ्य सुपरवाइजर अभियान पर्यवेक्षक के रूप में निगरानी करेंगे। अभियान के दौरान संभावित टीबी मरीज का स्पॉट सेंपल लेकर डीएमसी उसी दिन भिजवाने की व्यवस्था की जाएगी। सुबह के खखार के लिए संभावित टीबी के मरीज को स्पूटम कंटेनर एवं रेफरल स्लिप देकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजना होगा, इस अभियान में सभी निजी चिकित्सकों, नर्सिंग होम संचालकों, प्रयोगशालाओं में क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारी संपर्क करने के साथ-साथ क्षय रोगों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
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