डबरा- मध्य प्रदेश के डबरा-बिलौआ क्षेत्र में चल रहे ₹74 करोड़ के कथित अवैध उत्खनन मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया है। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुकेश परिहार ने मीडिया के सामने एक चौंकाने वाला दावा किया है। परिहार ने कुछ दस्तावेज दिखाते हुए आरोप लगाया कि जिस खदान में खुलेआम अवैध खनन हो रहा है, वह स्थानीय तहसीलदार की मां के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा उसमें गवाह के रूप में दर्ज हैं।
इस आरोप के बाद जब मीडिया ने मामले की पुष्टि के लिए तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो परिसर में ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी बहस शुरू हो गई। तहसीलदार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुकेश परिहार और उनके सहयोगियों पर ‘ब्लैकमेलिंग’ करने का आरोप लगाया।
तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा ने मीडिया से कहा, यह सब केवल ब्लैकमेल करने का तरीका है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं, मुकेश परिहार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब अधिकारी स्वयं इस पूरे मामले में भागीदार होने के आरोपों के घेरे में हैं, तो क्षेत्र की जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
कैमरे के सामने हुई इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जनप्रतिनिधि ने चेतावनी दी है कि वे कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे तथा मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोकायुक्त तक ले जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



















