नई दिल्ली में तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि यह आग जानबूझकर लगाई गई थी। एक स्कूटर को आग लगाने के षड्यंत्र ने तीन लोगों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सरिता (27), निरंजन (33) और राजकुमार (27) को गिरफ्तार किया है, जबकि एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना पैसों के विवाद और कथित बदले की भावना का परिणाम थी।
12 जून की रात लगी थी भीषण आग
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार तड़के करीब 2:24 बजे तुगलकाबाद एक्सटेंशन के मध्यम मार्ग स्थित गली नंबर-1 में हुई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के 28 वर्षीय पंकज पांडे, उनकी 20 वर्षीय बहन सोनी और 70 वर्षीय नानी सुशीला देवी की मौत हो गई। वहीं दीपक नामक किरायेदार की पत्नी मुमताज गंभीर रूप से झुलस गईं और उनका इलाज सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। इसके अलावा मुमताज की दो बहनें सीमा (16) और करीना भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
CCTV फुटेज ने खोला साजिश का राज
शुरुआत में पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज किया था, लेकिन जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। फुटेज में आग लगने के ठीक दो मिनट पहले, यानी रात 2:22 बजे एक नाबालिग लड़की इमारत के भीतर दाखिल होती नजर आई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गोविंदपुरी से इस 17 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पूछताछ में नाबालिग लड़की ने बताया कि सरिता ने उसे पेट्रोल और माचिस देकर दीपक के स्कूटर को आग लगाने के लिए भेजा था।
एक हफ्ते तक रेकी कर नाबालिग से लगवाई आग
पुलिस जांच में पता चला है कि सरिता ने करीब एक सप्ताह तक इलाके की रेकी की थी। उसने पहले इमारत और स्कूटर की पहचान की और फिर घटना वाली रात नाबालिग लड़की को अपने स्कूटर पर वहां तक लेकर गई। आरोप है कि घटना वाले दिन सरिता ने नाबालिग लड़की को दीपक का स्कूटर दिखाया, पेट्रोल और माचिस दी और आग लगाने के लिए कहा। स्कूटर में आग लगाने के बाद दोनों मौके से फरार हो गईं। स्कूटर से उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। सीसीटीवी फुटेज में दोनों साफ नजर आ रहीं है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पैसों के लेन-देन का विवाद या फिर कुछ और…
पूछताछ में सरिता ने दावा किया कि उसने यह कदम निरंजन और राजकुमार के कहने पर उठाया। उसका आरोप है कि दीपक ने उससे करीब 50 हजार रुपये उधार लिए थे और कई महीनों से वापस नहीं कर रहा था। पुलिस के अनुसार, सरिता का कथित तौर पर एक आरोपी के साथ संबंध था और उसने दीपक पर पैसे लौटाने का दबाव बनाने की कोशिश की थी। जब पैसे नहीं मिले तो स्कूटर जलाने की साजिश रची गई। वहीं, दीपक के भाई का आरोप है कि मामला सिर्फ पैसों का नहीं बल्कि रंजिश का है। दीपक ने अपने चचेरे भाई को सरिता से दूर रहने की सलाह दी थी, क्योंकि वह शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे थे। इसी बात से नाराज होकर सरिता ने दीपक से बदला लेने की साजिश रची। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या सरिता ने पहले दीपक को धमकी दी थी। जांच में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास, आगजनी और घर में घुसपैठ जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं। फिलहाल सरिता, निरंजन और राजकुमार को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



















