ग्लोबल ऑयल मार्केट में बुधवार, 24 जून को नरमी देखने को मिली। पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बने तनाव और सप्लाई की चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचे स्तर तक पहुंचा दिया था। अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने और तेल सप्लाई में सुधार के संकेत मिल रहे है, जिसके बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसी कारण ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों में गिरावट दर्ज की गई। भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
तेल कीमतों में दिखी गिरावट
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर 1.30 प्रतिशत गिरकर 76.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में इसमें 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 1.35 प्रतिशत टूटकर 72.22 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक अब सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के बजाए एक्सपोर्ट और शिपिंग गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम
| शहर | पेट्रोल की रेट (rs) | डीजल की रेट (rs) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| नोएडा | 102.08 | 95.56 |
| बेंगलुरु | 110.93 | 98.80 |
| भुवनेश्वर | 108.97 | 100.68 |
| चंडीगढ़ | 101.54 | 89.47 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| जयपुर | 113.35 | 98.39 |
| लखनऊ | 102.08 | 95.56 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | 115.49 | 104.40 |
प्रोडक्शन बढ़ने के संकेत मिल रहे
अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के प्रयासों से तेल बाजार में पॉजिटिव संकेत दिख रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और इराक जैसे उत्पादक देश निर्यात और उत्पादन बढ़ाने में जुटे है। UAE अबतक युद्ध से पहले वाले प्रोजक्शन लेवल के करीब 85 फीसदी तक पहुंच गया है। इसके साथ ही शिपिंग भी सामान्य होती दिख रही है। जहाज अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को चालू रख रहे हैं।
प्राइस अनुमान में बड़ी कटौती
वैश्विक वित्तीय संस्था मैक्वेरी ग्रुप लिमिटेड ने खाडी से तेल आपूर्ति के सामान्य होने की संभावना को देखते हुए आने वाले वर्षों के लिए अपने प्राइस अनुमान घटा दिए हैं। संस्था ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान 89 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 77 डॉलर कर दिया है। इसी तरह 2027 के औसत ब्रेंट मूल्य का अनुमान 74 डॉलर से घटाकर 64 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया। यह संकेत देता है कि बाजार में भविष्य में पर्याप्त आपूर्ति रहने की उम्मीद बढ़ रही है और कीमतों पर लंबे समय तक गिरावट का दबाव रह सकता है।



















