सांबा : आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा के दौरान देशभर से जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार सुरक्षा अभ्यास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को सीमावर्ती क्षेत्र घगवाल रेलवे स्टेशन पर GRP, रेलवे पुलिस, ITBP, घगवाल थाना पुलिस, डॉग स्क्वैड, फायर ब्रिगेड तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें किसी भी संभावित आतंकी हमले, फिदायीन हमले अथवा आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल का नेतृत्व GRP DSP मुस्कान सानी ने किया। इस दौरान घगवाल रेलवे स्टेशन के जीआरपी इंचार्ज पुरुषोत्तम, हीरानगर रेलवे स्टेशन के इंचार्ज राकेश, इंस्पेक्टर सरदारी लाल सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे।
अभ्यास के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, प्लेटफार्म तथा आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया। इस दौरान ड्रोन की भी मदद ली गई। मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति तैयार की गई, जिसमें सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई, घायलों के रेस्क्यू, हमलावरों की घेराबंदी तथा स्थिति को नियंत्रित करने के विभिन्न चरणों का सफल प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा बलों के बीच आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था और रणनीतिक कार्रवाई की भी गहन समीक्षा की गई। इस दौरान GRP DSP मुस्कान सानी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को पूरी तरह प्रशिक्षित और तैयार रखा जा रहा है। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाना तथा किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सक्रियता देखते ही बन रही थी। जवानों ने विभिन्न सुरक्षा उपकरणों और आधुनिक संसाधनों का उपयोग करते हुए संभावित खतरों से निपटने की रणनीति का प्रदर्शन किया। इस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से जवानों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का बेहतर अनुभव प्राप्त होता है। इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल और समन्वय भी मजबूत होता है, जो किसी भी आपात स्थिति में सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि घगवाल क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी निकट स्थित है। इसके अलावा आसपास जंगल, नदी-नाले और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा चुनौतियां अपेक्षाकृत अधिक रहती हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाबल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि या हमला करने का प्रयास किया गया तो सुरक्षा बल पूरी मजबूती के साथ उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।



















