चेन्नई: तमिलनाडु में टीवीके की जीत और विजय की जीत के बाद विधानसभा उपचुनावों में त्रिची ईस्ट सीट पर महामुकाबला देखने को मिल सकता है। इस सीट पर विजय ने जीत दर्ज की थी। उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई त्रिची ईस्ट के साथ राज्य में पांच अन्य सीटों पर उपचुनाव होना है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सीएम विजय द्वारा विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन पर तंज कसे जाने के बाद एम के स्टालिन त्रिची ईस्ट सीट से मैदान में उतर सकते हैं। अगर स्टालिन चुनाव में उतरते हैं तो त्रिची ईस्ट सीट पर महामुकाबला तय है, क्योंकि इस सीट पर विजय हार नहीं चाहेंगे।
विजय ने कहानी से किया था कटाक्ष
दरसअल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर कटाक्ष करते हुए उनसे पूछा था कि तुम्हारे पिता कहां हैं? उन्होंने यह तंज हालिया विधानसभा चुनावों में डीएमके (DMK) की हार और सदन से पूर्व सीएम एम के स्टालिन की अनुपस्थिति को लेकर कसा था। यह वाकया तब हुआ जब विजय ने अपने भाषण के दौरान एक ‘कुट्टी स्टोरी’ (छोटी कहानी) सुनाई। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की कहानी सुनाई जो चिलचिलाती धूप में कुछ ढूंढ रहा था और जब एक लड़के ने पूछा कि वह क्या खोज रहा है, तो उसने जवाब दिया। मैं तुम्हारे पिता को ढूंढ रहा हूं। इस तंज के जरिए सीएम विजय ने अप्रत्यक्ष रूप से उदयनिधि और उनके पिता एम के स्टालिन का मजाक उड़ाया था, क्योंकि स्टालिन 2026 के विधानसभा चुनावों में अपनी सीट हार गए थे और सदन का हिस्सा नहीं हैं।
नेहरू ने दिया है बड़ा बयान
इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई थी। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस तंज का करारा जवाब देते हुए कहा था कि वह विधानसभा में भले ही मौजूद न हों, लेकिन लोगों के दिलों में बसते हैं। विजय के बयान पर डीएमके नेता के एन नेहरू ने कहा कि हमारे नेता स्टालिन बहुत जल्द विधानसभा में लौटेंगे। यह पक्का है। उन्होंने कहा कि कल तक हमारे सभी कार्यकर्ता शांत थे। लेकिन सीएम के बोलने के बाद पूरे तमिलनाडु में कार्यकर्ता यही चाहते हैं। नेहरू के बयान से यह संकेत माना जा रहा है कि डीएमके का एक धड़ा चाहता है कि स्टालिन आने वाले महीनों में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ें। इस मुद्दे पर स्टालिन ने चुप्पी तोड़ी है।
मुख्यमंत्री ने पूछा है। आपके पिता कहां हैं वे हमें दिखाई नहीं देते। मैं विधानसभा में मौजूद रहूं या न रहूं। लोगों के मन में हमेशा बसा रहता हूं। अगर आप मुझे फोर्ट सेंट जॉर्ज सचिवालय में देखना चाहते हैं, तो कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फाइलें देखें। जिनमें कलैगनार राइट्स एंटाइटेलमेंट स्कीम भी शामिल है। वहीं पर आपको यह स्टालिन मिलेगा।
एम के स्टालिन, डीएमके चीफ, तिरुवरूर में एक भाषण के दौरान
त्रिची यूनिट पर पहले कर चुक अनुरोध
अगर एम के स्टालिन त्रिची ईस्ट से उतरते हैं तो मुकाबला कड़ा हो सकता है। 2011 में बनी इस सीट पर 2011 और 2016 में एआईएडीएमके को जीत मिली है। जब 2021 में डीएमके को जीत मिली थी। 2026 में इस सीट पर टीवीके उम्मीदवार विजय और डीएमके उम्मीदवार इनिगो एस. इरुदयाराज के बीच मुकाबला हुआ था। इसमें विजय 27, 416 वोट से जीते थे। एम के स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथूर सीट से टीवीके (TVK) उम्मीदवार के हाथों चुनाव हार गए थे। ऐसे में विधानसभा में दोबारा वापसी करने के लिए उनके सामने यह एक बड़ा मौका है। डीएमके की त्रिची दक्षिण इकाई और कार्यकारी समिति ने एक विशेष प्रस्ताव पारित कर पार्टी प्रमुख एम. के. स्टालिन से त्रिची ईस्ट उपचुनाव लड़ने का आधिकारिक आग्रह किया है।
डीएमके कैडर का बढ़ेगा मनोबल
डीएमके के वरिष्ठ नेताओं जैसे के एन नेहरू का मानना है कि स्टालिन के इस सीट से चुनाव लड़ने से मध्य क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और विपक्ष को एक मजबूत राजनीतिक संदेश जाएगा। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री विजय की पार्टी (TVK) इस सीट से लोकप्रिय अभिनेत्री तृषा कृष्णन को अपना उम्मीदवार बना सकती है। एक तरफ मुख्यमंत्री विजय की प्रतिष्ठा दांव पर होगी, वहीं दूसरी तरफ अनुभवी नेता एम के स्टालिन की सदन में वापसी की चुनौती होगी।



















