बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु केआर पुरम थाना क्षेत्र में एक बेटी ने बीते रविवार को अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी मां, पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी बेटी श्वेता के लिव इन पार्टनर केनेथ को पांडिचेरी से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, श्वेता और केनेथ के ऊपर 30 लाख रुपये का कर्ज था। केनेथ के उकसावे पर श्वेता अपने परिवार से पैसा मांगती थी। उसकी मां मुथुलक्ष्मी लिव इन में रहने वाली बेटी श्वेता से नाराज थी। वह बेटी को एक फूटी कौड़ी देने के पक्ष में नहीं थी, इसलिए श्वेता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मुथुलक्ष्मी की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने से पहले श्वेता के पिता सोमसुंदर और छोटी बहन सुप्रिया भी आ गए। तब उन्होंने उनकी हत्या भी कर दी।
प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में दोस्ती
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, श्वेता और केनेथ एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थे। वहीं दोनों की दोस्ती हुई और वे सिगेहल्ली के एक अपार्टमेंट में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। श्वेता की मां मुथुलक्ष्मी बेटी के रिलेशनशिप से खुश नहीं थी। मुथुलक्ष्मी और उनका परिवार चाहता था कि श्वेता उनके पास लौट आए। कई महीने पहले श्वेता और केनेथ ने बिजनेस प्लान बनाया और नौकरी छोड़ दी। बिजनेस के लिए श्वेता ने अपने घर के कागजात गिरवी रखकर लोन लिया। फैमिली में टेंशन तब शुरू हुआ जब उसके माता-पिता के घर पर लोन चुकाने के नोटिस आने लगे। श्वेता इस लोन को चुकाने के लिए अपने मां-बाप से प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगती थी। इस कारण मां-बेटी में आए दिन झगड़े होते थे। फिर एक दिन श्वेता और केनेथ ने अपनी मां को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
केनेथ के पास बेंगलुरु में कई फ्लैट
जांच टीम के मुताबिक, केनेथ के पास बेंगलुरु में कई फ्लैट थे। आरके पुरम वाले फ्लैट में श्वेता रहती थी। उस फ्लैट में बीते रविवार को मुथुलक्ष्मी अपनी छोटी बेटी सुप्रिया के साथ पहुंची। सुप्रिया तो उसी शाम घर लौट आई, लेकिन मुथुलक्ष्मी वहीं रुक गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उस रात श्वेता और उसकी मां के बीच केनेथ के साथ उसके रिश्ते को लेकर बहस हुई थी। श्वेता के कबूलनामे के मुताबिक, बहस के दौरान केनेथ हेडफ़ोन लगाकर एक कमरे के अंदर था। इस दौरान जब बहस तेज हो गई तो उसने अपनी मां को चाकू से गोद दिया। उसने मुथुलक्ष्मी पर ताबड़तोड़ 10 वार किए। फिर सबूत मिटाने के लिए श्वेता और कैनेथ ने शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। दोनों ने सबूत मिटाने के लिए गर्म पानी में मिर्च मिलाकर घटनास्थल की सफाई की।
पुडुचेरी के बस स्टैंड से गिरफ्तारी
उधर, जब सोमसुंदर और बहन सुप्रिया अगले दिन मुथुलक्ष्मी को ढूंढते हुए श्वेता के केआर पुरम वाले फ्लैट पर पहुंचे। उस समय श्वेता और केनेथ मिलकर मुथुलक्ष्मी के शव को ठिकाने लगाने जा रहे थे। अचानक पिता और बहन को देखकर श्वेता हैरान रह गई। फिर उन्होंने सोमसुंदर और सुप्रिया पर भी चाकू से हमला किया। सुप्रिया तो मौके पर ही ढेर हो गई । सोमसुंदर किसी तरह अपार्टमेंट के गेट तक पहुंचे। दम तोड़ने से पहले उन्होंने आस-पास के लोगों को बताया कि केनेथ ने भी उस पर हमला किया और चाकू मारा। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद दोनों आरोपी छत पर चढ़कर दूसरे गेट पर पहुंचे और फिर स्कूटर से फरार हो गया। जांच टीम के मुताबिक, स्कूटी खराब होने पर केनेथ ने श्वेता से अकेले बस में बैठने को कहा, जिसके बाद दोनों अलग हो गए। जांच टीम ने श्वेता को पुडुचेरी में एक बस स्टैंड के पास गिरफ्तार किया।
ट्रिपल मर्डर के पीछे तीन कारण
श्वेता को बुधवार को 47वीं ACMM कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उसे सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। कोर्ट में श्वेता ने तीनों हत्या की जिम्मेदारी ली। मगर पुलिस का कहना है कि वह केनेथ को बचाने की कोशिश कर रही है। जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। केनेथ का पता लगाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में छह स्पेशल टीमें जुटी थी। शुक्रवार को केनेथ भी पुडुचेरी से अरेस्ट हुआ। पुलिस के अनुसार श्वेता के पिता सोमसुंदर (55), मां मुथुलक्ष्मी (48) और उनकी छोटी बहन सुप्रिया (19) की हत्या का आरोपी केनेथ ही है। हत्याकांड के पीछे 30 लाख रुपये का कर्ज, रिश्ते का विरोध और पांबदियां, इसके अलावा संपत्ति हड़पने के लिए हत्या की गई।



















