पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना मध्य प्रदेश की एक महिला डॉक्टर को बहुत भारी पड़ गया है.डॉक्टरों की बड़ी संस्था ‘ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन’ ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है. संस्था ने मध्य प्रदेश टीम की कोषाध्यक्ष (खजांची) डॉ. मुस्कान सोनी को तुरंत उनके पद से हटा दिया है. इसके साथ ही एसोसिएशन ने उनकी प्राथमिक सदस्यता को भी आगामी पांच साल के लिए निलंबित कर दिया है.संस्था का कहना है कि डॉक्टर मुस्कान की टिप्पणी मेडिकल पेशे के नियमों और गरिमा के खिलाफ थी.
इंस्टाग्राम स्टोरी, आरोपी का बचाव और #IHateMen से भड़के लोग
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब डॉ. मुस्कान सोनी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक स्टोरी (पोस्ट) शेयर की. यह पोस्ट पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस से जुड़ी हुई थी, जिसमें केतन की मंगेतर सिया गोयल पर उनकी हत्या करने का आरोप है. डॉ. मुस्कान ने अपनी इस पोस्ट में न सिर्फ कथित तौर पर मुख्य आरोपी सिया गोयल का बचाव करने की कोशिश की, बल्कि मारे गए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल के गंजेपन और उनके शारीरिक रूप का भी जमकर मजाक उड़ाया.
डॉ. मुस्कान ने अपनी पोस्ट में लिखा था, “अगर आप ऐसा झूठ बोलेंगे तो जाहिर है कि आप मरेंगे.” इसके साथ ही उन्होंने अपनी इस पोस्ट के साथ #IHateMen (मुझे पुरुषों से नफरत है) हैशटैग का भी इस्तेमाल किया था. जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही लोगों का गुस्सा भड़क गया. लोगों ने इतनी संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करने के लिए डॉक्टर की जमकर आलोचना की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
माफीनामा खारिज, संस्था ने कहा-‘ऐसी सोच को बर्दाश्त नहीं’
जब मामला बहुत ज्यादा बढ़ गया और चारों तरफ से दबाव आने लगा, तो डॉ. मुस्कान सोनी ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी किया. इस नए वीडियो में उन्होंने अपने पहले दिए गए बयान और शब्दों के चयन के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. हालांकि, ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) की अनुशासन समिति ने उनकी इस माफी को स्वीकार नहीं किया. संस्था ने अपने आधिकारिक आदेश में कहा कि डॉ. मुस्कान की बातें बेहद आपत्तिजनक, आक्रामक और अपमानजनक थीं. एक डॉक्टर का काम समाज में संवेदनशीलता बनाए रखना होता है, लेकिन उनकी पोस्ट से समाज में एक गलत और नफरत भरा संदेश गया है. संस्था ने कड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि उन पर 5 साल का लंबा बैन लगाया जाता है ताकि आगे से कोई ऐसा न करे



















