कोलकाता: चाय पीने से क्या किसी की जान जा सकती है? ऐसा सुनने में तो कभी आया नहीं। मगर, अब एक बुरी खबर है। दुर्भाग्य से कोलाकाता में 12वीं के एक छात्र दिप्तांशु महतो की थर्मस से सीधे खौलती गर्म चाय पीने से जान चली गई। मरने से पहले छात्र ने अपने पिता को बता दिया था कि उसने गर्म चाय क्यों पी? मामले में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले में नवभारत टाइम्स ने एक्सपर्ट से बात की है, जिन्होंने छात्र की मौत के पीछे की असली वजहें बताई हैं।

रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्कूल का मामला

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, चाय पीने से बच्चे की मौत का मामला कोलकाता के नरेंद्रपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का है। यहां मंगलवार को खौलती चाय पीने से बारहवीं के एक छात्र की मौत हो गई। दिप्तांशु महतो के परिवार ने स्कूल अधिकारियों की घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

स्कूल अधिकारियों ने बेटे को अस्पताल ले जाने से पहले मेरे आने का इंतजार क्यों किया? मेरे बेटे के पाचन तंत्र में गंभीर आंतरिक जलन हुई है।

मनरंजन महतो, छात्र दिप्तांशु के पिता

एक्सपर्ट बोले-चाय पीने से जान जाने की बात असंभव

  • झारखंड की राजधानी रांची में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर रविकांत चतुर्वेदी ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में कहा-‘चाय पीने से किसी की जान जाने की बात असंभव है। मामला कुछ और हो सकता है।
  • डॉ. रविकांत चतुर्वेदी ने कहा-चाय पीने जान जाने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जो बेहद दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा-असली कारण तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट या ऑटोप्सी रिपोर्ट से ही पता चल सकती हैं।
  • चाय पीकर जान जाने के मामले में डॉक्टर ने बताए पांच असली कारण
  • डॉ. रविकांत चतुर्वेदी ने छात्र की चाय पीने से मौत के मामले में ये पांच वजहें बताई हैं।
  • पहला-खौलती चाय पीने से विंड पाइप या फूड पाइप क्षतिग्रस्त हो गई हो।
  • दूसरा-बेहद गर्म चाय पीने से गले में ब्रेन तक जाने वाली नर्व डैमेज हो गई हो।
  • तीसरा-अचानक हार्ट बैठ गया हो यानी हार्ट फेल हो गया हो, मगर ये गर्म चाय की वजह से नहीं हुआ होगा।
  • चौथा-थर्मस में चाय रखने पर फूड प्वॉइजनिंग की आशंका हो सकती है, क्योंकि कई दिनों से थर्मस साफ न रहा हो।
  • पांचवां-गर्म चाय पीने से ब्रेन को जाने वाली नसों को कोई नुकसान पहुंचा हो, हालांकि, इसकी आशंका न के बराबर है।
  • पिता बोले-मैं जब पहुंचा तो बेटा खांस रहा था
  • दिप्तांशु के पिता मनरंजन महतो कलकत्ता हाईकोर्ट में वकालत करते हैं। मनरंजन महतो ने कहा, ‘स्कूल अधिकारियों ने उसे अस्पताल ले जाने से पहले मेरे आने का इंतजार क्यों किया? मेरे बेटे के पाचन तंत्र में गंभीर आंतरिक जलन हुई है।’
  • मनरंजन को सुबह लगभग 11:20 बजे स्कूल से फोन आया था जिसमें उन्हें तुरंत आने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा-‘मैं दोपहर करीब 1 बजे पहुंचा। दिप्तांशु लगातार खांस रहा था। मुझे बताया गया कि सुबह 9:45 से 10 बजे के बीच उसने थर्मस से सीधे गर्म चाय पी ली थी। मैं अपने बेटे को गाड़ी तक ले गया। पानी का एक घूंट पीने के बाद उसने धीरे से अपना सिर मेरी छाती पर रख दिया और फिर बेहोश हो गया।’
  • पिता बोले-मरने से पहले बेटे ने बता दिया था
  • मनरंजन अपने बेटे को तुरंत पास के अस्पताल ले गए, लेकिन उन्होंने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे सॉल्ट लेक के पास एक निजी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने लड़के को मृत घोषित कर दिया।
  • मनारंजन ने घटना की जांच की मांग की। उन्होंने बताया, ‘मैंने अपने बेटे से पूछा कि उसने चाय क्यों पी ली। उसने कहा कि वह फर्श गंदा नहीं करना चाहता था। सोचिए? छात्रों की देखभाल के लिए नियुक्त गृह शिक्षक कहां था?’
  • छात्र की मौत के बाद स्कूल के तीन कर्मचारी निलंबित
  • रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक स्वामी इष्टेशानंद से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, जिन्होंने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। छात्रों के साथ मारपीट और उत्पीड़न के आरोप में स्कूल के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
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