अमृतसर (रमन): पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कारोबारी को धमकी भरे का कॉल के बाद फायरिंग करने वाले 2 शूटर गिरफ्तार कर लिया है। अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फायरिंग के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर के एक कारोबारी को गैंगस्टरों के धमकी भरे कॉल करने के बाद उसकी दुकान के बाहर फायरिंग की गई। हालांकि पीड़ित कारोबारी ने इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं दी, लेकिन अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने लेवल पर जांच शुरू की और कुछ ही समय में दोनों शूटरों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस ऑपरेशन के लिए DGP इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई थी, जिसमें ADCP सिटी-2, ACP नॉर्थ और CIA स्टाफ के अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि टीम की लगातार मेहनत और टेक्निकल जांच के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंचा गया। भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सजनप्रीत (26) और जशनप्रीत (19) के रूप में हुई है, जो मजीठा इलाके के एक ही गांव के रहने वाले हैं और रिश्तेदार हैं। सजनप्रीत के खिलाफ पहले कोई केस दर्ज नहीं था, जबकि जशनप्रीत के खिलाफ 2024 में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) मोहाली द्वारा कमर्शियल मात्रा में नारकोटिक्स बरामद करने का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने उनके गांव पहुंची, तो सजनप्रीत पुलिस को देखते ही घर की छत से कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायरिंग की घटना में दूसरा आरोपी जशनप्रीत मोटरसाइकिल चला रहा था। उसे गिरफ्तार करके सिविल लाइंस थाने लाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसने पुलिसकर्मी से सरकारी हथियार छीन लिया और फायरिंग करने की कोशिश की। लेकिन पुलिसवाले ने मौके पर होशियारी दिखाते हुए हथियार की नली नीचे कर दी, इसी दौरान गोली जशनप्रीत के पैर में लग गई। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि जशनप्रीत नाबालिग होने पर जुवेनाइल होम में रहने के दौरान कुछ क्रिमिनल्स के कॉन्टैक्ट में आया था। बाद में वह बॉर्डर एरिया के कुछ और लोगों और विदेश में रहने वाले गैंगस्टर्स के साथ जुड़ गया और पैसे के लालच में ऐसी वारदातें करने लगा। उन्होंने कहा कि आरोपी का मेडिकल करवाने के बाद उससे डिटेल में पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में बॉर्डर एरिया और विदेश में एक्टिव गैंगस्टर्स से जुड़े दूसरे अहम लिंक भी सामने आएंगे। धमकी भरे कॉल वर्चुअल नंबर और VPN के जरिए किए गए थे, जिससे जांच में टेक्निकल दिक्कतें भी आ रही हैं।



















