एमपी के मैहर जिले में संभागीय कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह की पहली समीक्षा बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब बैठक के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बार-बार अपनी सीट छोड़कर वॉशरूम जाते नजर आए. आमतौर पर ऐसी स्थिति में केवल ध्यान दिलाया जाता है, लेकिन कमिश्नर ने मामला अलग नजरिए से देखा. उन्होंने इसे स्वास्थ्य से जोड़ते हुए तुरंत मेडिकल टीम बुलाने के निर्देश दे दिए. इसके बाद बैठक स्थल पर ही स्वास्थ्य जांच का इंतजाम किया गया और अधिकारियों-कर्मचारियों की शुगर जांच शुरू कर दी.
बैठक के दौरान अनोखा फैसला
दरअसल, संभागीय कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह मैहर जिले में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ले रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि कई अधिकारी और कर्मचारी बार-बार वॉशरूम जा रहे हैं. इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल मेडिकल टीम बुलाने के निर्देश दिए. कमिश्नर का मानना था कि बार-बार वॉशरूम जाना शुगर जैसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है.
कलेक्ट्रेट में लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर
कमिश्नर के निर्देश के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया. मेडिकल टीम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की शुगर जांच की. इस अचानक शुरू हुई जांच ने सभी का ध्यान खींचा और कुछ देर के लिए समीक्षा बैठक से ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य परीक्षण की होने लगी.
49 लोगों की हुई जांच
बीएमओ डॉ. पीयूष पांडे ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला के निर्देशन में मेडिकल टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में कैंप लगाकर कुल 49 अधिकारियों और कर्मचारियों की शुगर जांच की. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की प्रारंभिक जांच कर आवश्यक सलाह भी दी.



















