रायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और भूजल संरक्षण संबंधी निर्देशों की अवहेलना के मामले में छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम तथा मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अधिकरण ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) को अद्यतन अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी।
एनजीटी का यह आदेश क्रिकेट स्टेडियमों में भूजल के उपयोग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित जल के उपयोग तथा वर्षा जल संचयन जैसे पर्यावरणीय उपायों के अनुपालन से संबंधित मामले में जारी किया गया है। एनजीटी ने वर्ष 2021 में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे और बाद में विभिन्न स्टेडियमों से अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने दो जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में कहा कि देश के अनेक क्षेत्रों में जल संकट गंभीर है। इसके बावजूद संबंधित स्टेडियमों की ओर से उनके बार-बार जारी नोटिसों के साथ-साथ सीजीडब्ल्यूए के ई-मेल और नोटिसों का भी जवाब नहीं दिया गया।
इसी आधार पर अधिकरण ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए तीनों स्टेडियमों में अगली सुनवाई तक खेल गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीजीडब्ल्यूए को प्राप्त होने वाले जवाबों के आधार पर नई स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। अधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित स्टेडियमों को पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का दोषी घोषित नहीं किया गया है। अंतरिम रोक केवल अधिकरण और सीजीडब्ल्यूए के नोटिसों का उत्तर नहीं देने तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के कारण लगाई गई है।
इस बीच, मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर वर्ष 2024 में लगाए गए 1.25 लाख रुपये के पर्यावरणीय प्रतिकर का समय पर भुगतान नहीं किया गया। बताया गया कि संबंधित भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभाग में चालान अथवा नकद के माध्यम से जमा किया जाना था, लेकिन भुगतान लंबित रहने के कारण मामला आगे बढ़ा।
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरी गुंडलापहुली ने कहा, “पहले स्टेडियम का संचालन पीडब्ल्यूडी के पास था, इसलिए संघ कई मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता था।” उन्होंने कहा, “एनजीटी के नोटिस की जानकारी मिल चुकी है। दूसरी सुनवाई से पहले पेनल्टी जमा कर अनुपालन रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी, ताकि स्टेडियम से प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया जा सके।”



















