चेन्नेई: बीजेपी में रहते हुए अपनी आक्रामक राजनीति और तीखे बयानों के लिए पहचान बनाने वाले के अन्नामलाई अब बदले-बदले अंदाज में नजर आ रहे हैं। बीजेपी छोड़ने के बाद अपनी पहली बड़ी जनसभा के दौरान अन्नामलाई का रुख तमिलनाडु सरकार के प्रति नरम दिखाई दिया। उन्होंने इस जनसभा में थलपति विजय सरकार के खिलाफ कोई हमला नहीं बोल। राज्य की सत्तारूढ़ टीवीके को लेकर उन्होंने जो बयान दिया है उससे थलपति विजय की काफी खुश नजर आएंगे। दरअसल अन्नामलाई ने टीवीके के प्रति दोस्ती वाला रुख अपनाया है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसी भी परिस्थिति में टीवीके राजनीतिक रूप से कमजोर पड़ती है तो वो उनकी मदद के लिए तैयार रहेंगे।
39 वर्ष से कम उम्र के लोगों ने सत्ता परिवर्तन किया
हाल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि 39 वर्ष से कम उम्र के लोगों ने सत्ता परिवर्तन किया। थलपतदि विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर राज्य की सत्ता संभाली। टीवीके की स्थापना 2024 में हुई थी। अन्नामलाई ने दावा किया कि 2031 में जब अगला विधानसभा चुनाव होगा, तब इसी आयु वर्ग से जुड़े लोग बहुत बड़ा सत्ता परिवर्तन करेंगे।
अन्नामलाई बोले- हमें ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं
बता दें कि अन्नामलाई के नेतृत्व वाली ‘वी द लीडर्स’ फाउंडेशन ने यहां अपनी पहली रैली के लिए नशे के खिलाफ अभियान को अपना विषय चुना। पोल्लाची में अपने फाउंडेशन के पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें एक राष्ट्रवादी और भारतीय होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि क्या कोई गौरवान्वित तमिल व्यक्ति भारत के विचार के खिलाफ हो सकता है और क्या किसी गौरवान्वित भारतीय को तमिल विचार के विरुद्ध खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, कि हमें ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं है।
मैं हिंदू हूं, लेकिन जब मैं घर से बाहर निकलता हूं, तो अपनी जाति और धर्म को अपने घर के अंदर ही बंद कर देता हूं। हर बार धर्म को उजागर करने और प्रदर्शित करने की कोई जरूरत नहीं है।
अन्नामलाई
सच्चा हिंदू सभी को समान मानता है : अन्नामलाई
अन्नामलाई ने कहा कि सच्चा हिंदू सभी को समान मानता है। वह यह नहीं कहता कि कोई श्रेष्ठ है और कोई दूसरा कमतर है। वह कहेगा कि सभी को एक सीधी पंक्ति में साथ-साथ चलना चाहिए। यही मेरा हिंदू दर्शन है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अभियान में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागीदारी किए गए काम के आधार पर स्वैच्छिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों के दौरान पर्यावरण समेत छह महत्वपूर्ण मुद्दों को जागरूकता पैदा करने के लिए उठाया जाएगा।



















