अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री का सफर तय करने के बाद भी भगवान जगन्नाथ से अटूट तरीके से जुड़े हुए है। तमाम व्यस्तता के बाद भी पीएम मोदी ने हर साल की तरह ही भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले दिल्ली से भगवान जगन्नाथ जी के लिए मूंग, जामुन, आम और सूखे खजूर का विशेष प्रसाद भेजते हैं। उन्होंने यह परंपरा तब शुरू की थी जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, और दिल्ली में रहने के बावजूद वे आज भी इसे लगातार निभा रहे हैं। पीएम मोदी ने गुजरात 12 साल और 7 महीने के अपने मुख्यमंत्री काल में भगवान जगन्नाथ यात्रा को भव्यता दी थी। उन्होंने इस आयोजन को और बड़ा बनाया था। पीएम मोदी रह साल मुख्यमंत्री के तौर पहिंद विधि के अहमदाबाद के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे थे।
पीएम मोदी के नाम है रिकॉर्ड
गुजरात में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के तौर पहिंद विंधि राज्य के मालिक यानी सर्वोच्च पद (प्रथम सेवक) बैठे व्यक्ति से कराने की परंपरा है। इसमें सोने की झाड़ू से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का रूट साफ किया जाता है। मुख्यमंत्री के तौर नरेंद्र मोदी न सिर्फ इससे जुड़े रहे बल्कि उनकी भगवान जगन्नाथ से लगाव बना हुआ है। पीएम मोदी बतौर प्रधानमंत्री 12 साल पूरे कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी के नाम गुजरात में सर्वाधिक बार पहिंद विधि करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 13 बार इस पारंपरिक अनुष्ठान को पूरा किया, जो किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा सबसे अधिक है। वह केवल विधि ही नहीं करते थे, बल्कि जमालपुर स्थित 400 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर के प्रांगण से स्वयं रथ खींचकर यात्रा की शुरुआत भी करते थे। इस बार की रथ यात्रा की सुरक्षा में 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। रथयात्रा की सुरक्षा की निगरानी राज्य के मुख्यमंत्री और डीजीपी खुद करते हैं।
रथयात्रा से पीएम मोदी का जुड़ाव
2001 से पहले अहमदाबाद की रथयात्रा कई बार सांप्रदायिक तनाव या हिंसा से प्रभावित होती थी। नरेंद्र मोदी के कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के बाद यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण बन गई। उन्होंने पहली बार यात्रा मार्ग की सुरक्षा के लिए आधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी और हाई-टेक कंट्रोल रूम जैसी तकनीकों की शुरुआत करवाई थी। जिससे लाखों श्रद्धालु बिना किसी डर के शामिल हो सके। उन्होंने अहमदाबाद की रथयात्रा को ओडिशा की पुरी रथयात्रा के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी और भव्य रथयात्रा के रूप में वैश्विक पहचान दिलाई। उनके कार्यकाल के दौरान देशभर से आने वाले हजारों साधु-संतों और अखाड़ों के लिए विशेष सरकारी समन्वय और नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। इस बार की रथ यात्रा की सुरक्षा में 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। रथयात्रा की सुरक्षा की निगरानी राज्य के मुख्यमंत्री और डीजीपी खुद करते हैं।
शुरू की विशेष प्रसाद की परंपरा
भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी आस्था इतनी गहरी थी कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए हर साल रथयात्रा से एक दिन पहले मंदिर में विशेष नैवेद्य (प्रसाद) भेजने की परंपरा शुरू की। इस प्रसाद में मौसम के अनुसार मूंग, जामुन, आम और ड्राई फ्रूट्स शामिल होते हैं, जिसे वह आज प्रधानमंत्री बनने के बाद भी हर साल दिल्ली से नियमित भेजते हैं। भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा के मौके पर पीएम मोदी ने एक बार फिर अपना कर्तव्य पूरा करके हुए विशेष प्रसाद भिजवाया है। जिसे जमालपुर जगन्नाथ मंदिर में रखा गया है। इसमें मूंग, जामुन, आम और सूखे खजूर के साथ दूसरे फल हैं। जिन्हें आकर्षक डिब्बों में बंद करते पहुंचाया गया है।
पीएम मोदी ने पाेस्ट किया है विशेष संदेश
पीएम नरेंद्र मोदी ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है और इसे भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रतीक बताया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि रथ यात्रा की परंपराएं पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करती आ रही हैं और ये विनम्रता, सामूहिक भागीदारी तथा निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं। इसके साथ ही उन्होंने कामना की कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो और सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख तथा समृद्धि मिले।



















