धरमजयगढ़। पंचायत सचिव रोजगार सहायकों के अनिश्चितकाली हड़ताल में चले जाने से पंचायतों के कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कार्यों में 15वें वित्त की राशि से कराए जाने वाले कार्य, अन्य मदों से स्वीकृत ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्य वहीं रोजगार सहायकों के हड़ताल में जाने से गौठान योजना सहित अन्य महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के कार्य जैसे गोठान निर्माण, डबरी निर्माण, कुआं निर्माण, मिट्टी मुरूम सड़क निर्माण प्रमुख हैं। इसके अलावा मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन प्रकरण जैसे कई कार्य हैं जो कि बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। सचिव एवं रोजगार सहायकों का हड़ताल का आज बीसवां दिन है। अपने हड़ताल को गति प्रदान करते हुए पिछले 2 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल का रुख अख्तियार कर लिया गया है। यह क्रमिक भूख हड़ताल 20 जनवरी तक चलेगा। 21 जनवरी से 24 जनवरी तक इनका प्रदर्शन प्रांत स्तर पर बूढ़ा तालाब रायपुर में भूख हड़ताल करेंगे।

25 जनवरी को राजधानी रायपुर बूढ़ा तालाब से अपने परिवार सहित जंगी रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से रायपुर में ही धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के आव्हान पर एक सूत्रीय मांग परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण की मांग को लेकर 26 जनवरी से अनिश्चितकालीन कलम बंद काम बंद धरना प्रदर्शन जारी है। इनके अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए कलेक्टर ने करारोपण अधिकारियों को सचिव का प्रभार सौंपने का फरमान जारी किया और जैसे ही आदेश जारी हुआ उसके ठीक पश्चात छत्तीसगढ़ आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी संघ ने संचालक छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को पत्र लिखकर सचिव कार्य करने के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि इन अधिकारियों को सचिव कार्य से मुक्त रखा जाए। संघ के प्रांत अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें सचिव दायित्व सौंपा जाता है तो वे भी आंदोलन करने बाध्य होंगे। आंतरिक लेखा एवं परिक्षण अधिकारी संघ ने सचिव संघ के मांगों को शीघ्र पूर्ण करने का मांग किया है।














