Aloe Vera Benefits in Monsoon: ‘एलोवेरा’ जिसे घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है, आयुर्वेद की एक अतुलनीय औषधि है. दुर्लभ और औषधीय गुणों से भरे होने के बावजूद भी इसे एक छोटे से गमले में लगाकर बड़ी आसानी से उपजाया जा सकता है. मौसम चाहे कोई भी हो, शरीर और स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न समस्याओं में इसका उपयोग खूब किया जाता है. फिलहाल बरसात का मौसम चल रहा है. जिसमें ज़्यादातर लोगों को त्वचा, पेट, बाल और इम्युनिटी संबंधित कई परेशानियां सताती हैं. मजे की बात यह है कि आयुर्वेद में इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए भी एलोवेरा के उपयोग को उत्तम माना गया है. इस लेख में हम आपको इसी से संबंधित तथ्यों पर कुछ खास जानकारी साझा कर रहे हैं.

कृषि और बागवानी के साथ औषधीय पौधों पर भी जानकारी रखने वाले बेतिया के रविकांत पांडे बताते हैं कि, बरसात में एलोवेरा का उपयोग कई गुना बढ़ जाता है. खासकर त्वचा, बाल और पाचन से संबंधित समस्याओं के लिए लोग इसका सेवन बड़ी संख्या में करते हैं. दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियां एलोवेरा को जूस के रूप में बेचती हैं और शानदार मुनाफा कमाती हैं.

हालांकि जूस की शुद्धता दांव पर ही होती है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग धड़ल्ले से उसका सेवन करते हैं. मजे की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति एलोवेरा के पौधे को घर के गमले में लगाकर उसका उपयोग कर सकता है.

बरसात में जिन्हें बाल गिरने की समस्या से ग्रसित होना पड़ता है, वो इसकी पत्तियों को काटकर अंदर के चिपचिपे पदार्थ को निकाल लें और स्कैल्प पर लगाकर कुछ देर तक छोड़ दें. इससे स्कैल्प का PH मान संतुलित होता जिससे बालों की मजबूती बढ़ती है. इतना ही नहीं, बालों में एलोवेरा के उपयोग से डैंड्रफ और अन्य गंदगी की भी सफाई होती है.

बरसात में हवा में नमी होने की वजह से त्वचा संबंधित कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं. जिनमें रिंग वॉर्म, रैशेज और स्किन एलर्जी शामिल हैं. एक तो तेज जलन, ऊपर से भद्दे निशान देख लोगों का मन टूट जाता है. ऐसे में एलोवेरा के पेस्ट का उपयोग बेहद कारगर साबित हो सकता है.
इसमें पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीएलर्जिक गुण आपको इन सभी समस्याओं से दूर रखते हैं. बकौल रविकांत, एलोवेरा के औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर बदलते मौसम में होने वाले वायरल संक्रमण के खतरे को कम करते हैं.
इससे सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं दूर होती हैं. इतना ही नहीं, बरसात में होने वाली तेज उमस की वजह से अपच, पेट की गैस और एसिडिटी इत्यादि की समस्या को भी एलोवेरा जूस के सेवन से कम किया जा सकता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा सलाह (Medical Advice) का विकल्प नहीं है. किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले अपनी सुविधा और एलर्जी की स्थिति को ध्यान में रखें




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