छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने गुजरात अध्ययन दौरे के दौरान किया हाई स्पीड रेल मल्टीमॉडल हब का अवलोकन
अहमदाबाद- गुजरात के अध्ययन दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने सोमवार को साबरमती हाई स्पीड रेल मल्टीमॉडल हब का भ्रमण कर देश के पहले एकीकृत परिवहन केंद्र की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के संयुक्त महाप्रबंधक (Joint General Manager) बी.के. शर्मा ने पत्रकारों को हब की विशेषताओं, यात्री सुविधाओं, हरित भवन अवधारणा तथा मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की विस्तृत जानकारी दी।
बी.के. शर्मा ने बताया कि साबरमती मल्टीमॉडल हब का निर्माण मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत एक ऐसे आधुनिक ट्रांजिट टर्मिनल के रूप में किया गया है, जहाँ भारतीय रेलवे, निर्माणाधीन हाई स्पीड रेल स्टेशन, अहमदाबाद मेट्रो तथा बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) को एक ही परिसर में निर्बाध रूप से जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को विभिन्न परिवहन साधनों के बीच सहज और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि 3.54 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित यह विशाल परिसर दो स्वतंत्र भवनों—ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी—में विभाजित है। भवन में लगभग 1,200 से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। दोपहिया, तिपहिया, कार, टैक्सी और बसों के लिए अलग-अलग पिक-अप एवं ड्रॉप-ऑफ जोन विकसित किए गए हैं, जिससे यातायात व्यवस्थित रहेगा तथा यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इस मल्टीमॉडल हब की अवधारणा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की तर्ज पर विकसित की गई है। यात्री पहले टर्मिनल भवन में पहुंचकर अपनी यात्रा संबंधी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे तथा प्रतीक्षालय, रिटेल आउटलेट, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाओं का उपयोग करते हुए आरामदायक वातावरण में अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे।
बी.के. शर्मा ने बताया कि भवन की तीसरी मंजिल पर लगभग 1.43 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में विकसित भव्य कॉन्कोर्स यात्रियों के लिए मुख्य ट्रांजिट क्षेत्र होगा। यहां आधुनिक प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, खुदरा दुकानें, सुविधा केंद्र, शौचालय तथा अन्य यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मेट्रो, रेलवे, हाई स्पीड रेल और बीआरटीएस से आने वाले यात्रियों का आवागमन इसी कॉन्कोर्स के माध्यम से होगा।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मल्टीमॉडल हब को विभिन्न परिवहन माध्यमों से फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर और ट्रैवलेटर के माध्यम से जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को व्यस्त सड़कों को पार किए बिना सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से एक परिवहन माध्यम से दूसरे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
बी.के. शर्मा ने बताया कि कॉन्कोर्स के ऊपर स्थित भवन को दो भागों में विकसित किया गया है। ब्लॉक-ए में छह मंजिलें भविष्य के कार्यालयों के लिए आरक्षित हैं, जबकि ब्लॉक-बी में होटल, लगभग 60 कमरे, बैंक्वेट हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, रेस्टोरेंट, स्विमिंग पूल तथा अन्य आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह परिसर केवल परिवहन केंद्र ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक व्यावसायिक और सेवा केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।
उन्होंने बताया कि साबरमती मल्टीमॉडल हब बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ी देश की पहली इमारत है जिसे भारतीय ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) द्वारा ‘गोल्ड रेटिंग’ प्रदान की गई है। भवन में ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए छतों पर सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संरक्षण, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था, प्राकृतिक वेंटिलेशन, हरित टैरेस तथा विस्तृत लैंडस्केप उद्यान विकसित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भवन की वास्तुकला में आधुनिकता के साथ-साथ राष्ट्र की विरासत को भी स्थान दिया गया है। भवन के अग्रभाग पर स्टेनलेस स्टील से निर्मित विशाल ‘दांडी मार्च’ भित्ति चित्र स्थापित किया गया है, जो महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह और साबरमती की राष्ट्रीय विरासत को दर्शाता है। इसके साथ विकसित आकर्षक स्टेप गार्डन परिसर की सौंदर्यात्मक पहचान को और समृद्ध बनाते हैं।
बी.के. शर्मा ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण करना नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। मल्टीमॉडल हब के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद रेल, मेट्रो, बस और बुलेट ट्रेन के बीच स्थानांतरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को तेज, सरल और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना विकसित भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। साबरमती मल्टीमॉडल हब इस परियोजना का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ भविष्य में अहमदाबाद शहर का एक नया प्रतीक भी बनेगा।
अध्ययन दौरे के दौरान पत्रकारों ने मल्टीमॉडल हब के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया तथा यात्री सुविधाओं, पार्किंग व्यवस्था, कॉन्कोर्स, कनेक्टिंग फुटओवर ब्रिज, हरित भवन सुविधाओं और निर्माणाधीन हाई स्पीड रेल स्टेशन से इसके एकीकरण की जानकारी प्राप्त की। पत्रकारों ने इस अत्याधुनिक परिसर को भारत के परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह परियोजना देश में विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के विकास की दिशा में उल्लेखनीय पहल है।



















