अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह के खिलाफ वॉन्टेड नोटिस जारी किया है। एजेंसी का आरोप है कि हरमनवीर सिंह कनाडा से संचालित रविंदर धांडा गैंग के लिए ड्रग तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा था। यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप की संयुक्त जांच के बाद सामने आई है, जिसमें कई देशों में फैले संगठित अपराध नेटवर्क को निशाना बनाया गया है।

हरमनवीर सिंह पर क्या हैं आरोप
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के अनुसार हरमनवीर सिंह पर नियंत्रित नशीले पदार्थों की सप्लाई करने की साजिश, उन्हें बेचने की तैयारी और दूसरे देशों में भेजने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि वह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से जुड़ा था, जो कई देशों में ड्रग तस्करी का काम करता था। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 23 जून 2026 को हरमनवीर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था। इसके बाद अब FBI ने उसे वॉन्टेड घोषित करते हुए उसकी तलाश तेज कर दी है।
कनाडा के रविंदर धांडा गैंग से जुड़ा मामला
जांच एजेंसी के मुताबिक रविंदर धांडा संगठित अपराध समूह का संचालन कनाडा के वैंकूवर से किया जाता है। आरोप है कि यह गैंग बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी करता था। यह नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में सक्रिय ड्रग तस्करी संगठनों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम करता था। FBI का दावा है कि हरमनवीर सिंह इसी नेटवर्क का हिस्सा था और ड्रग तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में उसकी अहम भूमिका रही। एजेंसी अब उसके ठिकानों और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
ऑपरेशन हार्ड बॉल में बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत की गई, जिसे अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलकर चलाया। इस अभियान का मकसद लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर धांडा से जुड़े संगठित अपराध नेटवर्क पर कार्रवाई करना था। इस संयुक्त अभियान में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 11 आरोपी केवल कैलिफोर्निया से पकड़े गए। वहीं अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने इस पूरे मामले में कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ आगे भी ऐसी संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















