वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन ने रविवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर अपील की है, ताकि नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनावों से पहले मेल-इन बैलेट को सीमित करने वाली योजना को लागू किया जा सके। इससे पहले पिछले हफ्ते एक संघीय न्यायाधीश ने इन प्रतिबंधों पर रोक लगा दी थी।

ट्रंप प्रशासन के वकीलों ने देश की सर्वोच्च अदालत में आपातकालीन आवेदन दायर किया है। उन्होंने अमेरिकी डाक सेवा को मेल-इन वोटिंग को प्रतिबंधित करने वाले नियम को लागू करने की अनुमति मांगी है, भले ही कुछ अमेरिकी राज्यों ने 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के लिए डाक मतपत्र भेजना शुरू कर दिया हो।

निचली अदालत ने बढ़ाई रोक

शुक्रवार को बोस्टन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश इंदिरा तलवानी ने नए नियम को लागू होने से रोकने वाले प्रतिबंध को और आगे बढ़ा दिया था। अब इस बात का अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर है कि प्रशासन के मेल-इन वोटिंग प्रतिबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन ने ट्रंप प्रशासन के इस अनुरोध पर जवाब देने के लिए बुधवार की समय सीमा तय की है। इससे पहले भी प्रशासन ने तलवानी के शुरुआती प्रतिबंध को पलटने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक आपातकालीन अनुरोध दायर किया था।

लेकिन शीर्ष अदालत द्वारा उस आवेदन पर फैसला सुनाने से पहले ही, न्यायाधीश ने शुक्रवार को अपनी रोक बढ़ा दी, जिसके कारण प्रशासन को रविवार को यह नई फाइलिंग करनी पड़ी।

ट्रंप प्रशासन का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने सुप्रीम कोर्ट से इस नियम को तुरंत लागू करने की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक निचली अदालत की रोक लागू रहेगी, तब तक भ्रम और अराजकता फैलने का खतरा बना रहेगा, क्योंकि लगातार कई राज्य मेल बैलेट जारी कर रहे हैं।

क्या है डाक सेवा का नया नियम?

USPS ने अपना यह नया नियम राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा मार्च में साइन एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को लागू करने के लिए जारी किया था। ट्रंप कई वर्षों से मेल द्वारा मतदान पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते रहे हैं। उनका दावा रहा है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी हार बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी का परिणाम थी।

इस नए नियम के तहत राज्यों को USPS को मेल बैलेट प्राप्त करने वालों की सूची प्रदान करनी होगी। सभी आउटबाउंड और रिटर्न बैलेट लिफाफों पर यूनिक बारकोड होना अनिवार्य होगा। यह नियम USPS को उन मतपत्रों को वितरित करने से इनकार करने की अनुमति देता है जो इन नए मानकों का पालन नहीं करते हैं या जो सूची में शामिल नहीं किए गए मतदाताओं से जुड़े हैं।

क्या है मेल-इन वोटिंग की वर्तमान स्थिति?

वर्तमान में अमेरिका के सभी राज्य किसी न किसी रूप में मेल-इन वोटिंग की अनुमति देते हैं। 29 राज्य मतदाताओं को बिना कोई कारण बताए मेल द्वारा मतपत्र डालने का अनुरोध करने की अनुमति देते हैं, जबकि आठ राज्य पूरी तरह से मेल द्वारा ही चुनाव आयोजित करते हैं।

इस बीच, शुक्रवार को उत्तरी कैरोलिना नवंबर में होने वाले चुनावों के लिए मतपत्र मेल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930