तिरुवनंतपुरम : केरल के रहने वाले 26 साल के एक युवक की मौत हो गई, जो मर्चेंट नेवी में काम करता था। वह जिस कार्गो जहाज पर काम कर रहा था, उस पर यूक्रेन के तट के पास कथित तौर पर रूस ने हमला किया था। उसकी मौत उसकी शादी से ठीक दो महीने पहले हुई। मृतक, अखिल जोयन, केरल के कासरगोड जिले के वेल्लारिक्कुंडु के रहने वाले जोयन और सैली का इकलौता बेटा था। बलाल ग्राम पंचायत के वेल्लारिक्कुंडु वार्ड के सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि परिवार को सोमवार शाम शिपिंग कंपनी से एक ईमेल मिला, जिसमें अखिल की मौत की जानकारी दी गई थी।
जोसेफ ने कहा कि हम और जानकारी जुटाने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। वह 19 साल की उम्र में मर्चेंट नेवी में शामिल हुआ था। जोसेफ के अनुसार, अखिल अपनी सगाई की रस्म के लिए लगभग तीन महीने पहले अपने घर आया था।
सगाई के बाद लौटा था शिप पर
पिता ने बताया कि उसकी शादी दो महीने बाद होने वाली थी। होने वाली दुल्हन अलाप्पुझा जिले की रहने वाली है। वह एक महीने पहले ही काम पर लौटा था। जोसेफ ने अखिल को इलाके में एक जाना-माना और सम्मानित व्यक्ति बताया, जो टग-ऑफ-वार (रस्साकशी) का भी लोकप्रिय खिलाड़ी था। उन्होंने कहा कि उसे अच्छे व्यवहार वाले और अनुशासित युवक के तौर पर जाना जाता था। उन्होंने बताया कि अखिल के पिता एक इलेक्ट्रिकल दुकान में काम करते हैं, जबकि उसकी मां इंश्योरेंस एजेंट हैं।
शिप पर गिनी-बिसाऊ का लगा था झंडा
जोसेफ ने कहा कि वह एक साधारण परिवार हैं और उनका भविष्य काफी हद तक अखिल पर निर्भर था। उन्होंने हाल ही में एक घर बनवाया था। परिवार अब अखिल के शव को भारत वापस लाने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में मदद के लिए स्थानीय सांसद और विधायक के संपर्क में है। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन के सी पोर्ट्स अथॉरिटी ने कहा कि गिनी-बिसाऊ का झंडा लगा एक कार्गो जहाज ओडेसा बंदरगाह से निकलने के कुछ ही देर बाद रविवार को रूसी सेना के हमले का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि यूक्रेनी मक्का ले जा रहे जहाज पर समुद्र में हमला किया गया। अथॉरिटी ने कहा कि जहाज से आठ लोगों को बचाया गया।
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना, आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी में बाधा डालना निंदनीय है और इससे बचना चाहिए।



















