जयपुर के चर्चित हाई प्रोफाइल मर्डर केस में आरोपी बेटी को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) से भी राहत नहीं मिली है. राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल रिकॉर्ड पर ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है. कोर्ट ने यह भी माना कि केस में मां और बेटी के बीच लंबे समय से चल रहे मनमुटाव के पर्याप्त शुरुआती सबूत मौजूद हैं. 

दरअसल, यह मामला जयपुर में अपनी ही मां की कथित हत्या की साजिश रचने का है. पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी बेटी आयुषी पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने के लालच में अपनी मां की हत्या की योजना बनाई और इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की. उसने सात लाख रुपये की सुपारी देकर किराए के बदमाशों से अपनी मां नीरज शर्मा को कार से कुचलवा दिया. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बेटी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

आरोपी को गलत तरीके से फंसाया गया- बचाव पक्ष की अदालत में दलील

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं. वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि जांच में जुटाए गए सबूत, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य आरोपी की भूमिका की ओर इशारा करते हैं.

अदालत ने आरोपी को जमानत देना समझा अनुचित

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने कहा कि केस डायरी और अब तक की जांच से प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है. अदालत ने यह भी माना कि मां और बेटी के बीच विवाद और मनमुटाव के संकेत जांच में सामने आए हैं. ऐसे में इस स्तर पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा. 

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद आरोपी बेटी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा. अब इस चर्चित हत्याकांड की सुनवाई निचली अदालत में आगे बढ़ेगी, जहां गवाहों और सबूतों के आधार पर मामले का अंतिम फैसला किया जाएगा. हालांकि इस मामले में जयपुर पुलिस ने अभी तक कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल नहीं की है.

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