भीलवाड़ा जिले के करेड़ा उपखंड क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कांजी खेड़ा गांव में उस समय शोक छा गया, जब सर्पदंश यानी सांप के काटने से दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, कांजी खेड़ा और मोखमपुरा दोनों ही गांवों में सन्नाटा पसरा है।
जानकारी के मुताबिक, कांजी खेड़ा निवासी जगदीश गुर्जर की पत्नी ज्ञानी देवी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अपनी दोनों बेटियों कृष्णा (5 वर्ष) और भावना (2 वर्ष) को साथ लेकर अपने पीहर मोखमपुरा (थाना रायपुर) आई हुई थी। शनिवार शाम को परिजनों के साथ खाना खाने के बाद मां अपनी दोनों बेटियों को लेकर घर के कमरे में सो गई थी।
सुबह चार बजे रोने की आवाज सुनकर नींद खुली
रविवार तड़के लगभग चार बजे अचानक दोनों बालिकाओं के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनकर मां ज्ञानी देवी की नींद खुल गई। जब उन्होंने लाइट जलाकर देखा, तो दोनों बेटियों के शरीर पर सांप के काटने के निशान दिखाई दिए। उसी दौरान परिजनों को कमरे से एक जहरीला सांप भी बाहर की ओर निकलता हुआ नजर आया। घटना का पता चलते ही घर में चीख-पुकार मच गई।
मासूमों को लेकर पहुंचे अस्पताल
परिजनों ने बिना समय गंवाए दोनों मासूमों को तत्काल नजदीकी रायपुर चिकित्सालय पहुंचाया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने 2 वर्षीय छोटी बालिका भावना को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 5 वर्षीय बड़ी बहन कृष्णा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। कृष्णा ने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलने पर रायपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों मृतक बहनों के शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए उनके पिता जगदीश गुर्जर व अन्य परिजनों को सौंप दिए।



















