नई दिल्ली: दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा को लेकर बहस तेज हो गई है। दोषियों को सजा सुनाने से पहले दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों के लिए फांसी की मांग करते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताया है।
फांसी की सजा की मांग
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सजा पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद के लिए अधिकतम सजा यानी फांसी की मांग की। पुलिस ने अदालत में दलील दी कि यह हत्या बेहद क्रूर, सुनियोजित और जघन्य तरीके से अंजाम दी गई, जिससे समाज में भय और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई।
बचाव पक्ष ने किया विरोध
वहीं, बचाव पक्ष ने फांसी की मांग का विरोध करते हुए कहा कि हर हत्या का मामला मौत की सजा का आधार नहीं बन सकता। वकीलों ने अदालत को बताया कि 91 गवाहों की गवाही और लंबे ट्रायल के बाद 11 आरोपियों में से केवल 5 को दोषी ठहराया गया, जबकि 6 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
कोर्ट ने किन्हें ठहराया दोषी
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था। अब अदालत इन दोषियों को मिलने वाली सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
नाले में मिला था अंकित शर्मा का शव
यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था। आरोप है कि 25 फरवरी 2020 को ऑफिस से लौटने के बाद अंकित शर्मा दोबारा बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन उनका शव चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप था कि तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया। इसी मामले में अब दोषियों की सजा पर अदालत का फैसला आना बाकी है।



















