संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। इस बार पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा। सदन के अंदर और बाहर विपक्ष ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसी बीच अब तक मानसून सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर तृणमूल कांग्रेस ने निशाना साधा है। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि मानसून सत्र 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सदन और संसद के प्रति पूरी तरह अनादर का रवैया दिखाया है।
मोदी-शाह ने संसद का किया अपमान- टीएमसी
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने इस संस्था का अपमान किया है और संसद के प्रति अवमानना प्रदर्शित की है। पिछले चार सप्ताह से हम लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं। संसद के अंदर हम अपनी आवाज उठाते रहे और उनसे सदन में आकर चर्चा करने की मांग करते रहे।
सदन में नहीं आए मोदी और शाह- घोष
सागरिका घोष ने कहा कि हमने NEET के मुद्दे और NEET परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन पर चर्चा की मांग की। हमने युवाओं पर पैलेट गन से की गई गोलीबारी के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की। लेकिन गृह मंत्री और पीएम मोदी एक पल के लिए भी सदन में नहीं आए।
टीएमसी सांसद ने कहा कि पूरे सत्र के दौरान जनता की आवाज को नजरअंदाज करने के बाद आखिर में यह कहना कि वे चर्चा के लिए तैयार थे, यह दिखाता है कि वे इस मुद्दे को लेकर कभी गंभीर नहीं थे। उन्होंने इस विषय को वह गंभीरता नहीं दी, जिसका यह हकदार था। गृह मंत्री ने मानसून सत्र 2026 के दौरान सदन और संसद के प्रति पूरी तरह अनादर का रवैया प्रदर्शित किया है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
सदन में अमिथ शाह के नहीं आने पर कांग्रेस ने भी गृह मंत्री पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सरकार की कोई जवाबदेही है ही नहीं। आखिरी दिन आकर गृह मंत्री अमित शाह खड़े होते हैं और कहते हैं कि मैं चर्चा के लिए तैयार हूं। तो पिछले 20 दिनों से आप क्या कर रहे थे? आप यहीं संसद परिसर में मौजूद थे, लेकिन सदन में कदम तक नहीं रखा। इसका मतलब यही है कि वह खुद नहीं चाहते थे कि सदन की कार्यवाही चले।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सत्तारूढ़ दल जिम्मेदार है। विपक्ष की भूमिका यह होती है कि वह मुद्दे उठाए, ताकि सरकार उन पर संज्ञान ले और कार्रवाई करे। अगर उन्होंने राहुल गांधी की बात पहले ही सुन ली होती, तो आज पूरा देश इस स्थिति का सामना नहीं कर रहा होता।



















