विशाखापत्तनम: विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों के बंद होने के साथ ही रविवार की रात विजाग के एविएशन इतिहास का एक चैप्टर भावुकता भरे माहौल में खत्म हो गया. सोमवार से भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज शुरू होने से पहले आखिरी तय उड़ान इंडिगो 6E 2018 थी, जो रात 10:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई. सालों तक यात्रियों की सेवा करने वाले एयरपोर्ट कर्मचारियों के लिए आखिरी कुछ घंटे भावुकता से भरे थे. एयरपोर्ट से जब उपकरण और सामान हटाए जा रहे थे तो कई कर्मचारी रोते हुए दिखे. यह उस दौर का अंत था, जिसे उन्होंने खुद देखा था और जिसे बनाने में मदद की थी.
एयरपोर्ट का एयरफील्ड मूल रूप से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान रॉयल एयरफोर्स के लिए बनाया गया था और 1962 में इसे आम लोगों की उड़ानों के लिए खोला गया था. भारतीय नौसेना ने 1972 में यहां एविएशन ऑपरेशन शुरू किया और 1991 में इस सुविधा को औपचारिक रूप से INS देगा (INS Dega) के तौर पर शुरू किया गया.
भोगपुरम एयरपोर्ट पर शुरू हुई कमर्शियल फ्लाइट सर्विस
आंध्र प्रदेश के नए अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार, 17 अगस्त से कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन्स शुरू हो गई. हैदराबाद से इंडिगो की पहली फ्लाइट के पहुंचने के साथ ही इस नए एयरपोर्ट से यात्री सेवाओं का आगाज हुआ. अब विशाखापट्टनम से चलने वाली सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट्स भोगापुरम एयरपोर्ट से ही ऑपरेट होंगी.
आखिरी शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट दिल्ली के लिए हुई थी रवाना
भोगापुरम एयरपोर्ट शुरू होने के साथ ही पुराने विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन्स बंद कर दिए गए हैं. 16 अगस्त को विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से आखिरी शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. हालांकि पुराना एयरपोर्ट पूरी तरह बंद नहीं होगा. वहां डिफेंस और पुलिस ऑपरेशन्स, VIP मूवमेंट और अनशेड्यूल्ड स्पेशल फ्लाइट्स जारी रहेंगी.



















