छिंदवाड़ा: जिले के बीचबहर स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिका को लेकर छात्र-छात्राओं की शिकायत ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया। विद्यार्थियों ने दोनों पर स्कूल में पढ़ाई के बजाय आपस में निजी और कथित तौर पर प्रेम संबंधों से जुड़ी बातचीत करने का आरोप लगाया। शिकायत में स्कूल के कक्ष के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने और विद्यार्थियों को समय से पहले घर भेजने जैसी बातें भी सामने आईं। मामला तब गंभीर हुआ जब कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि एक अवसर पर शिक्षिका के टॉयलेट जाने के बाद संबंधित शिक्षक भी उनके पीछे वहां पहुंच गया था। विद्यार्थियों का दावा है कि इस घटना को देखने वाले छात्रों को शिक्षक की ओर से कथित तौर पर धमकाया भी गया।
कक्षा में पढ़ाई के बजाय बातचीत का आरोप
छात्र-छात्राओं ने शिकायत में कहा कि दोनों शिक्षक स्कूल के कमरे में अकेले बैठते थे और इस दौरान दरवाजे तथा खिड़कियां बंद कर लेते थे। विद्यार्थियों का आरोप है कि पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय दोनों आपस में निजी बातचीत करते थे। इसके अलावा स्कूल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बच्चों को निर्धारित समय से पहले घर भेजने की बात भी शिकायत में कही गई।हालांकि, संबंधित शिक्षिका ने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों का विरोध किया है। यानी पूरे मामले में आरोप और पक्ष दोनों सामने हैं, जबकि शिक्षा विभाग ने शिकायत के आधार पर जांच कराई है।
ग्राम सभा में उठा मामला, फिर शिक्षा विभाग तक पहुंची शिकायत
विद्यार्थियों ने सबसे पहले अपने परिजनों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद 15 अगस्त को आयोजित ग्राम सभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया। वहां से शिकायत शिक्षा विभाग तक पहुंची, जिसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ओपी जोशी के अनुसार, विद्यार्थियों की शिकायत में शिक्षकों के आचरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसने स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए।
जिला प्रशासन के निर्देश पर अतिथि शिक्षक हटाए गए
जांच प्रक्रिया के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूल में कार्यरत सभी अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाओं को हटा दिया गया है। शिक्षा विभाग ने अब विद्यालय में नए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विज्ञापन भी जारी किया गया है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में विद्यार्थियों की शिकायत, शिक्षिका के पक्ष और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखना प्राथमिकता है।



















